नौकरी के नाम पर ठ’गी करनेवाले गैं’ग के चंगुल से छपरा व सिवान के 11 युवक-युवतियों को पुलिस ने कराया मुक्त

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MUZAFFARPUR / CHHAPRA / SIWAN DESK –  बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए उनके चंगुल से 11 युवतियों को भी मुक्त कराया है. जिनमें छपरा और सिवान के युवक एवं युवती भी शामिल हैं. घटना मुजफ्फरपुर में चलने वाले एक आयुर्वेद कंपनी के द्वारा युवक एवं युवतियों को सरकारी नौकरी का लालच देकर फसाया जा रहा था. उनको पहले नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया. फिर उनसे ट्रेनिंग के नाम पर 25 हजार रुपया मंगवाए गये. जबकि रुपया लेने के बाद भी नौकरी नही मिलती है.

 

इस घटना की सूचना मुजफ्फरपुर एसपी को मिली कि जिले के सदर थाना क्षेत्र में नौकरी के नाम पर झांसा देकर युवक-यु्वतियों से ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है. गिरोह द्वारा सिवान जिले की 11 युवतियों और छपरा के एक युवक को कृषि विभाग में नौकरी दिलाने के झांसा देकर रुपये ठगने के बाद बंधक बना लिया गया था. सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सभी को मुक्त कराया. उस दौरान मौके से मुख्य शातिर फरार हो गया.

 

वहीं पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया है. जिससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने मुक्त युवतियों के परिजनों को सूचना दे दिया है. युवतियों ने एक महिला पर प्रताड़ित करने का आरोप भी लगाया है. कहा कि हेडमैम दूसरी लड़कियों को न बुलाने पर पिटाई करती थीं. इस मामले में युवतियों ने आवेदन दिया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. सभी युवतियां सिवान जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं.

 

मुख्य सरगना की गिरप्तारी के लिए टीम गठित

बता दे की सदर थाना क्षेत्र के गोबरसही में एक फर्जी कंपनी का संचालन हो रहा था. कंपनी का नाम डीएससी है. इसमें लड़कों और लड़कियों को सरकारी नौकरी के झांसा देकर बुलाया जाता था. बदले में ₹25000 के डिमांड की जाती थी. जब पैसा मिल जाता तब 2 से 3 महीने ट्रेनिंग के नाम पर युवाओं को गुमराह किया जाता था. कंपनी से इसके बाद उनको एक और युवा को बुलाने के लिए प्रेशर बनाया जाता था. थक हारकर युवा अपने किसी परिचित को कंपनी में ज्वाइन करवाते थे. उसके बाद उसे भी नौकरी के नाम पर ₹25000 रुपया ठग लिए जाते थे.

सभी को कृषि विभाग में नौकरी कराने का झांसा देकर 25-25 हजार रुपये लिए गए थे. एक छात्रा ने बताया कि उसकी इंटर की परीक्षा है. वह घर जाने की जिद करने लगी, तो मुख्य सरगना ने उसे एक कमरा में बंद दिया और मोबाइल छीन लिया. किसी तरह रविवार सुबह मोबाइल मिला जिससे पिता को कॉल की. वहीं सदर थाना के दरोगा प्रकाश कुमार पासवान ने बताया कि एक लड़की का भाई थाना पर आकर पुलिस से शिकायत की. सूचना के आलोक पर मौके पर पुलिस पहुंची और वहां से कई लड़कियों को मुक्त करवाया गया.

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