गड़खा के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 6 पुलिस कर्मियों पर FIR दर्ज ; प्रशिक्षु आईपीएस ने चार्ज मिलते ही लिया एक्शन

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CHHAPRA DESK – सारण जिले के गड़खा थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अमितेश कुमार सिंह एवं थाना के छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोर्ट परिवाद पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. जिसके बाद सबकी निगाहें अब उनकी गिरफ्तारी पर टिकी हुई है. उनके खिलाफ कोर्ट परिवार के आधार पर सीजेएम कोर्ट में गत दिनांक 25 मई को परिवाद दाखिल किया गया था. जिसकी सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने धारा 156(3) के अंतर्गत थानाध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

कोर्ट का परिवाद गड़खा थाने में तमिला होने के बाद भी थानेदार ने कोर्ट के आदेश को धत्ता बताते हुए खुद पर केस दर्ज नही किया और 37 दिनों तक उसे पेंडिंग रखा. उसी क्रम में पुलिस अधीक्षक डाॅ गौरव मंगला ने जिले प्रशिक्षण के लिए आये नव चयनित आईपीएस को गड़खा थाना में पदस्थापित किया. तत्पश्चात प्रशिक्षु आईपीएस ने गड़खा थानाध्यक्ष से प्रभार ग्रहण किया और लंबित परिवाद की समीक्षा की.

जिसमें कोर्ट के आदेश को लंबित रखने पर गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन थानेदार अमितेश कुमार पर कांड संख्या 376/23 दर्ज कर दिया है. साथ ही केस की अनुसंधान कर अग्रेत्तर करने के लिए विजेंद्र मंडल को नामित करते हुए आवश्यक निर्देश दिया है. बहरहाल अब देखना दिलचस्प होगा कि कानून की रक्षा करने वाली पुलिस आरोपी थानाध्यक्ष अमितेश कुमार को गिरफ्तार करती हैं अथवा नहीं. इस पर सबकी निगाहे टिकी हुई है.

इस मामले को ले थानाध्यक्ष पर दर्ज हुआ केस

बता दें कि जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी सकेन्द्र प्रसाद सिंह के पुत्र रंजीत कुमार ने गत 25 मई 2023 को गड़खा थानाध्यक्ष के खिलाफ परिवाद दायर किया. जिसमें कहा कि दिनांक 30 दिसंबर 2022 को शाम करीब छह बजे गड़खा- बसंत रोड से कनेक्टेड रोड दक्षिण कदना जाने वाले सड़क से सटे रिया सुधा दुकान के समीप खड़ा थे.

तभी थानाध्यक्ष अमितेश कुमार सिंह एवं गस्ती दल के 6-7 पुलिस पहुंचे. रोड के समीप ही पूछ-ताछ के दौरान एक राहगीर को दारू पीने के संदेह में पकड़ लिये और उसके साथ मार-पीट व गाली-गलौज करने लगे. जिसका परिवादी रंजीत कुमार अपने मोबाईल से विडियोग्राफी करने लगा. यह देख थानाध्यक्ष समेत सभी पुलिस परिवादी से उलझ गए और मारपीट, गाली-गलौज किये व गर्दन में हाथ लगाकर धक्का देते हुए सरकारी हथियार के बल पर पटक कर लात-जूता से भी मार-पीट किया.

जबरन सरकारी अग्नेयास्त्र के बल पर परिवादी का मोबाईल छीन लिया और थाना ले जाकर हाजत में बंद कर दिया. वही थानेदार ने कहा कि वीडियो डिलीट कर दो तभी मोबाइल मिलेगा. लेकिन उन्होंने मोबाइल नहीं दिया. जिसमें परिवादी का बहुत निजी डेटा था और उस मोबाइल के माध्यम से आर्थिक उपार्जन करता था. इसको लेकर परिवादी ने वरीय अधिकारियों को गड़खा के थानाध्यक्ष विरूद्ध कार्रवाई के लिए आवेदन दिया. लेकिन आज तक न तो अभियुक्तो के विरूद्ध कोई कारवाई हुआ और न हीं मोबाईल वापस किया गया.

इन धाराओं के तहत गड़खा थानाध्यक्ष पर दर्ज हुआ मुकदमा

सिविल कोर्ट के आदेश के बाद गड़खा थाना में पदस्थापित प्रशिक्षु आईपीएस ने गड़खा थानाध्यक्ष अमितेश कुमार एवं 6-7 की संख्या में गश्ती दल पुलिस पर भादवि की दफा 323, 341, 379, 409, 427, 504, 506 के तहत एफआईआर दर्ज किया है.

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