रंजन पॉली क्लिनिक में ऑपरेशन के दौरान युवक की मौत के बाद बवाल ; तोड़फोड़ और हंगामे को देख भाग खड़े हुए चिकित्सक और कर्मी

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CHHAPRA DESK- छपरा शहर के नगर थाना अंतर्गत दहियावां स्थित रंजन पॉली क्लिनिक में ऑपरेशन के दौरान एक युवक की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और परिजनों ने क्लीनिक में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी. परिजनों के आक्रोश को देखते हुए चिकित्सक और अस्पताल कर्मी भाग खड़े हुए. जिसके बाद परिजनों ने कहा कि शव तो इसी पॉलीक्लिनिक में जलाएंगे और हंगामा शुरू कर दिया. हंगामे की सूचना के बाद नगर थाना पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया.

हालांकि समाचार प्रेषण तक रंजन पॉली क्लिनिक में आक्रोशित परिजनों का हंगामा जारी था. वही नगर थाना पुलिस इस मामले की प्राथमिकी को लेकर प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. मृतक मढौरा थाना क्षेत्र के भलुई मुबारकपुर गांव निवासी स्वर्गीय दीनानाथ राम का 23 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार राम बताया गया है. परिजनों का कहना था कि राहुल के पेट में पथरी था. उसे मढौरा में ही डॉक्टर अरुण तिवारी से दिखाया गया था. जहां उनके द्वारा बोला गया कि छपरा ले जाकर उसका ऑपरेशन कर देंगे.

जिसके बाद परिजन राहुल को लेकर 11:00 बजे शहर के दहियावां स्थिछ रंजन पॉली क्लिनिक पहुंचे, जहां उसका ऑपरेशन किया गया. करीब 1 घंटे बाद अस्पताल कर्मियों के द्वारा परिजनों को राहुल के पेट से निकाले गए स्टोन को दिखाया गया. जिसके एक घंटा बीतने के बाद जब परिवार वालों ने राहुल से मिलने की इच्छा जाहिर की तो अस्पताल कर्मियों ने बताया कि उसका इलाज चल रहा है. वही संध्या पहर जब परिजनों ने राहुल से मिलने की जिद की तो उन लोगों के द्वारा बताया गया कि राहुल की स्थिति गंभीर है उसे पटना रेफर किया जा रहा है और देखते ही देखते वहां एंबुलेंस आ गया. लेकिन जिद करने के बाद जब परिजन ऑपरेशन थिएटर में पहुंचे तो देखें कि राहुल का शरीर पीला पड़ चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी. इतना देखने के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और उन लोगों ने हंगामा करते हुए नर्सिंग होम में तोड़फोड़ शुरू कर दी. यह देख अस्पताल में मौजूद चिकित्सक और कर्मी भाग खड़े हुए.

जिसकी सूचना पर मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने स्थिति संभाला. समाचार प्रेषण तक इस मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया चल रही थी. हालांकि रंजन पॉलीक्लिनिक के प्रास्क्रिप्सन पर किसी चिकित्सक के नाम का जिक्र नहीं किया गया था. जिससे यह कहना मुश्किल है कि किस डॉक्टर के द्वारा वह क्लिनिक चलाया जा रहा हैं और किसके द्वारा वहां ऑपरेशन किया गया.

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