सारण की भूमि मलखाचक किसी तीर्थ से कम नहीं है, मैं इस भूमि पर तीर्थाटन करने पहुंचा हूं : मोहन भागवत, सर संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ

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CHHAPRA DESK – स्वतंत्रता आंदोलन में नरम पंथ और गरम पथ दोनों का केन्द्र मलखाचक की भूमि किसी तीर्थ से कम नहीं है, और मैं इस भूमि पर तीर्थाटन करने पहुंचा हूं. यह मेरा सौभाग्य है. उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने रविवार को मलखाचक में आयोजित स्वतंत्रता सेनानी सम्मान समारोह के दौरान कही. इस अवसर पर उपस्थित लोगो को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश की सभ्यता संस्कृति और समाज की रक्षा में हमारे ऋषि मनीषियों एवं तीर्थों की अहम भूमिका रही है. ऐसे में देश व समाज की रक्षा के लिए अपना सर्वश्व न्योछावर करने वाले क्रन्तिकारियो की धरती भी किसी तीर्थ से कम नहीं है. मलखाचक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमे ज्ञात है कि 1857 के क्रांति में बाबू कुंवर सिह के सेना में भी यहां के लोग शामिल थे. यहां के कई क्रन्तिकारियो ने स्वाधीनता आंदोलन में बलिदान दिया है, उन्हें भी भुलाया नहीं जा सकता है. आजादी के अमृत महोत्सव में उन्हें स्मरण करने का आज यह सुअवसर है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से हमे हमारे पूर्वजो के बारे में जानने का अवसर मिलता है.

ये गाथाएं हमे बताती हैं कि हम सिह के वंशज हैं और हमारे पूर्वजों के प्रति गौरव की भावना ही हमे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है और इसी प्रेरणा के साथ हमारा देश अपनी पुरातन संस्कृति को लेकर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने हमारे देश पर हुए आक्रमणों की चर्चा करते हुए कहा कि मुगलों एवं अंग्रेजों ने इस देश को लूटने के साथ ही यहाँ की अर्थ व्यवस्था एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने का कार्य किया फिर भी हमारे पूर्वजों ने गुलामी की मानसिकता को स्वीकार नहीं किया, और संघर्ष का रास्ता चुना. विदेशी लोगो ने इस देश को जाती, धर्म, राज्य , भाषा के नाम पर अलग अलग बाटने का कार्य किया। लेकिन इन सभी भिन्नताओ के बाद भी हमारे पूर्वज एक लक्ष्य के साथ भारत माँ आजाद कराने के लिए अपने अपने तरीके से संघर्ष किया.

संघ प्रमुख ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है सबको लगता है कि भारत सुपर पावर बनेगा, लेकिन हमें सुपर पावर बनके सारी दुनिया को अपने कब्जे में नहीं रखना है. बल्कि हम अपनी सभ्यता और संस्कृति देकर पूरे विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इसके लिए हमे जाती धर्म और भाषा से ऊपर उठकर बिना किसी भेद भाव के देश की लिए अपना सर्वश्व न्योछावर करने की भावना रखनी होगी.इस अवसर पर उन्होंने देश की आजादी में अपने जान न्योछावर करने वाले क्रन्तिकारियो के परिजनों को प्रतीक चिन्ह एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. साथ ही मलखाचक निवासी व लेखक तथा वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र सिह द्वारा लिखित पुस्तक “स्वाधीनता आंदोलन की बिखरी कड़िया” पुस्तक का विमोचन भी किया.

वहीं इस कार्यक्रम में सारण जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुँचे तीन सौ से अधिक स्वतंत्रता सेनानियो के परिजनों को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय एवं नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा द्वारा भी अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर श्री राय ने कहा कि देश आजादी में अग्रणी भूमिका निभाने वाले क्रन्तिकारियो की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित ऐतिहासिक कार्य का आज मैं साक्षी बन रहा हूँ यह मेरा सौभाग्य है. वहीं इस कार्यक्रम के संरक्षक त्रिदण्डी स्वामी के परम शिष्य लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा तभी संभव है जब हमारे संस्कार और संस्कृति सुरक्षित हो, इसलिए हमें अपने संस्कृति और राष्ट्र दोनों को संरक्षित करना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि यह वह स्थान है जहाँ शांति के अहिंसावादी पुजारी, एवं अपने अधिकारों की मांग के लिए लड़ने वाले उग्र आंदोलनकारी एक साथ रहते थे.

कार्यक्रम के स्वागत भाषण में आयोजन समिति के सदस्य महेंद्र प्रताप ने बताया कि 1942 के पूर्व असहयोग आंदोलन एवं सविनय अवज्ञा जैसे आंदोलनों में शामिल क्रन्तिकारियो को सरकारी स्तर पर कहीं कोई सम्मान नहीं मिल पाया, ऐसे में उन परिवारों को भी चिन्हित करके उन्हें सम्मानित करने का यह अपने आप मे पहला गैर सरकारी कार्यक्रम है. वहीं “स्वाधीनता आंदोलन की बिखरी कड़िया” पुस्तक के लेखक रविन्द्र सिह ने बताया कि उनकी पुस्तक पूरी तरह से सरकारी तथ्यों पर आधारित पूर्णतः प्रमाणिक है, जिसके आने वाली पीढ़ी को नई दिशा मिलेगी. कार्यक्रम के पूर्व संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मलखाचक गांव में ही शहिद श्री नारायण सिंह के प्रतिमा का भी अनावरण किया.

कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन महाराजगंज सांसद जनार्दन सिह सिग्रीवाल ने किया जबकि इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से आचार्य लक्ष्मणाचार्य, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल, छपरा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूढ़ी, लालगंज विद्यालय संजय सिंह, लौरिया विधायक विनय बिहारी, मोहद्दीनगर विधायक राजेश सिह, तरैया विधायक जनक सिह, अमनौर विधायक कृष्ण कुमार उर्फ मंटू सिह, छपरा विधायक सीएन गुप्ता, पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक मिथिलेश तिवारी, विनय सिह, एवं जनक सिह के अलावें बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. जबकि कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य रूप से प्राचार्य प्रदुम्न सिह, अनिल सिह, सुधीर सिह, राकेश सिंह, पंकज सिह, हेमनारायण सिह, मनोज कुमार सिंह, कुणाल सिह , अजीय सिह समेत दर्जनों लोग लगे हुए थे.

 

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