5.76 लाख बच्चों को पोलियो निरोधी दवा पिलाने के लिए 6 लाख से अधिक घरों को किया जाएगा कवर ; डीएम ने ‘दो बूंद जिंदगी की’ पिलाकर किया अभियान का शुभारंभ

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CHHAPRA DESK –  सारण जिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शिशुओं को स्वयं पोलियो की खुराक पिलाकर किया. इस अवसर पर सिविल सर्जन, जिला स्वास्थ्य प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे. जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की खुराक पिलाएं, ताकि जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखा जा सके.

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5 लाख 76 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

इस अभियान के तहत जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 5 लाख 76 हजार 914 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी की है. इसके अंतर्गत जिले के 6 लाख 57 हजार 597 घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रह जाए.

1481 डोर-टू-डोर टीमें गठित

घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने के लिए 1,481 डोर-टू-डोर टीमें गठित की गई हैं. इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, बाजार, पुल-पुलिया और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर 252 ट्रांजिट टीमों की तैनाती की गई है, ताकि यात्रा के दौरान आने-जाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक दी जा सके. वहीं, स्लम बस्तियों, ईंट-भट्ठों, दूरस्थ ग्रामीण इलाकों और नदी किनारे बसे टोले-मोहल्लों में 36 मोबाइल टीमें अभियान चलाएंगी.


पूरे अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए 543 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि हर बच्चा पोलियो की खुराक प्राप्त करे और किसी भी स्तर पर कोई कमी न रहे. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी अभिभावकों से इसमें सहयोग करने की अपील की गई है.

जिलाधिकारी ने कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” हर बच्चे के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की गारंटी है। सामूहिक प्रयास से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा, डीएस डॉ आरएन तिवारी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ सुमन कुमार, डीपीएम अरविन्द कुमार अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ रंजितेश कुमार, यूनिसेफ के एसएमसी आरती त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद थे.

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