₹20 मांगने पर दाग दी ₹200 की गोली ; एएसपी ने रात में ही किया गिरफ्तार

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CHHAPRA DESK –     सारण जिला में महज ₹20 के लिए ₹200 की गोली सीने में दाग कर हत्या किए जाने के मामले से सनसनी फैल गई है. घटना रिविलगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत समसुद्दीनपुर गांव की है. जहां स्थानीय निवासी मनोज राय की गोली मारकर हत्या मामले में एएसपी राम पुकार सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजामोहन नट को घटना के कुछ घंटे के बाद ही गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार मुख्य आरोपी रिविलगंज थाना क्षेत्र के समसुद्दीन पुर गांव निवासी मुन्ना नट पुत्र राजमोहन नट बताया गया है. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बीती रात्रि बदमाशों ने रिविलगंज थाना क्षेत्र के समसुद्दीन पुर गांव निवासी बीरबल राय के 50 वर्षीय पुत्र मनोज राय की महज ₹20 के लिए गोली मारकर हत्या कर दी थी. हालांकि गंभीर स्थिति में उसे परिवार वाले लेकर सदर अस्पताल पहुंचे,

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जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर धनंजय कुमार के द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया था. बताया जा रहा है कि वह घर पहुंचा था जहां से वह दारू पीने के लिए गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के समीप पहुंचा था जहां उसके द्वारा राजमोहन नट से ₹20 की मांग दारू पीने के लिए की गई. जिसको लेकर उनके बीच विवाद हुआ और उसके द्वारा मनोज राय को गोली मार दी गई थी. इस घटना की सूचना के बाद सदर एएसपी राम पुकार सिंह दलबल के साथ छपरा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से पूछताछ के बाद रिविलगंज पहुंचे और छापेमारी प्रारंभ की. उस दौरान उन्हें सफलता भी मिली और मुख्य आरोपी राजामोहन नट को गिरफ्तार कर लिया गया.

इस मामले में उन्होंने बताया कि मनोज राय की गोली मारकर हत्या की गई थी. उस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा राजमोहन नट को मुख्य आरोपी बनाया था. सूचना के बाद उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. बताते चलें कि उसके सीने में एक गोली मारी गई थी. जिसके कारण अस्पताल लाने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी. वहीं इस घटना के बाद रात्रि में ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया.

हत्यारोपी के चाचा है इंस्पेक्टर और दादा थे डीएसपी

बता दें कि हत्यारोपी राजा मोहन एक शिक्षित परिवार का बिगड़ैल लड़का है. उसके दादा उत्पाद विभाग के डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए थे. जबकि उसके पिता पोस्ट ऑफिस से सेवानिवृत हुए हैं. वहीं उसके चाचा फिलहाल बिहार पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है. परंतु गलत शोहबत के कारण राजामोहन आवारा निकल गया है. उसकी सिगरेट गिरतई से जहां पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं परिवार वालों का आक्रोश भी कम पड़ गया है. लेकिन ₹20 के लिए हत्या किए जाने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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