हुजूर! एनजीओ बदलने के बाद वेतन भी लेकर भाग जाते हैं वे ; सफाई कर्मियों का छलका दर्द

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CHHAPRA DESK – सफाई कर्मियों का शोषण कभी नगर निगम करता रहा तो आज नगर निगम क्षेत्र का ठेका एनजीओ को दिए जाने के बाद उनके द्वारा तो खुलकर सफाई कर्मियों का शोषण किया जा रहा है. आज नगर निगम के सफाई कर्मियों का दर्द उस समय छलक गया. जब नगर निगम के सफाई कर्मी समाहरणालय पथ अवस्थित नगर निगम कार्यालय से लेकर समाहरणाल के मुख्य द्वार तक शहर का पूरा कचरा सड़कों पर उड़ेल दिया. नगर निगम प्रशासन भी मुंह देखता रह गया. उस दौरान आक्रोशित सफाई कर्मियों ने एनजीओ के खिलाफ नारेबाजी भी की.

सफाई कर्मियों ने कहा कि वे लोग उनके तीन-चार महीने का वेतन लेकर भाग जाते हैं और वह कुछ नहीं कर पाते हैं. उन्हें पता नहीं कि उस एनजीओ को वे लोग कहां-कहां खोजते रहें. जब वे लोग नगर निगम प्रशासन से इसकी शिकायत करते हैं तो उनका कहना रहता है कि आप लोग एनजीओ वालों से ही बात करें. लेकिन इधर लगातार एनजीओ भी बदलते रहे और प्रत्येक एनजीओ ने सफाई कर्मियों का दो-तीन महीने का वेतन तो रख ही लिया. सफाई कर्मियों ने बताया कि वे लोग एनजीओ के साथ काम करना नहीं चाहते हैं. नगर निगम इसकी व्यवस्था करें, नहीं तो उनका यह आक्रोश जारी रहेगा.

स्थानीय दुकानदार एवं राहगीरों को हुई हो रही परेशानी

नगर निगम कार्यालय से लेकर समाहरणालय मुख्य द्वार तक सड़क पर कचरा फैलाये जाने के कारण स्थानीय दुकानदारों को बदबू के कारण खासी परेशानी हो रही है. वहीं आने जाने वाले राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका है तो दूसरी तरफ समामारना ले पद पर चारों तरफ कचरा ही कचरा फैला हुआ है. अब यह समस्या उत्पन्न हो गई है कि आखिर उसे कचरे का सफाई करेगा कौन.

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