राजपूतान और अहिरान के विवाद में मॉब लिंचिंग के शिकार दूसरे युवक के मौत की अफवाह पर फूटा आक्रोश ; गांव में तनाव के बाद पुलिस वाहन पर पथराव

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CHHAPRA DESK – छपरा जिले के मांझी थाना अंतर्गत मुबारकपुर गांव में राजपूतान और अहिरान के विवाद में मॉब लिंचिंग के शिकार तीन युवकों में से दूसरे युवक की मौत पटना में होने की अफवाह पर लोग आक्रोशित हो गए. वहीं गांव के तनाव की स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस बल एवं पदाधिकारियों के ऊपर पथराव शुरू कर दिया. जबकि छपरा सदर अस्पताल से पीएमसीएच रेफर दोनों युवक राहुल और विक्की का उपचार फिलहाल पटना में चल रहा है. इस बात की जानकारी देते हुए सारण एसपी गौरव मंगला ने बताया कि राहुल की मौत अफवाह है. राहुल और विक्की दोनों पटना में उपचाररत है.

 

अफवाह के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को भी आक्रोशित लोगों के कोप भाजन का शिकार होना पड़ा. जिसके बाद वज्र वाहन भी पहुंचा लेकिन आक्रोशित लोगों के पथराव के आगे पुलिस वाहन समेत अनेक वाहनों के शीशे टूट गए और पुलिस को पीछे हटना पड़ गया. इस घटना के बाद भारी संख्या में पुलिस बल मुबारकपुर गांव में कैंप कर रही है. बता दें कि विवाद मुबारकपुर गांव के राजपूतान टोला और अहिरान टोला के बीच है.

क्या है मॉब लिंचिंग की कहानी

बता दें कि बीतज दिन छपरा जिले के मांझी थाना अंतर्गत मुबारकपुर गांव में पूर्व के विवाद को लेकर मुबारक गांव निवासी मुखिया प्रतिनिधि विजय यादव के के द्वारा मॉब एकत्रित कर तीन युवकों को मॉब लिंचिंग का शिकार बना दिया गया. मॉब लिंचिंग का शिकार बने युवक भी मांझी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव निवासी ही हैं. इस घटना में स्थानीय निवासी जयप्रकाश सिंह के पुत्र अमितेश कुमार सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

 

जबकि, गंभीर रूप से जख्मी संजय सिंह के 22 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार सिंह एवं उदय नारायण सिंह के 25 वर्षीय पुत्र आलोक कुमार सिंह उर्फ विक्की को छपरा सदर अस्पताल से बेहतर चिकित्सा के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया था. जहां दोनो का उपचार चल रहा है.

 

मॉब लिंचिंग की घटना भी सुनियोजित

मुखिया प्रतिनिधि विजय यादव द्वारा मॉब लिंचिंग की यह घटना भी पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत हो रही है. जो कि मामला राजपूतान और अहिरान के विवाद का है. गांव वालों के अनुसार यह विवाद पूर्व से चला आ रहा है, जिसका परिणाम मॉब लिंचिंग की यह घटना है. कयोंकि मॉब लिंचिंग का शिकार कोई अपराधी नहीं है. उनका कोई आपराधिक इतिहास भी ज्ञात नहीं है. फिलहाल इस घटना को बीते वर्ष मुख्य प्रतिनिधि के पिता की उसी मुर्गी फार्म के समीप गोली मारकर किए गए हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है.

 

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