पश्चिम बंगाल से अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को बचपन बचाओ आंदोलन की पहल पर बिहार के बाढ़ जिले से किया गया मुक्त

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CHHAPRA DESK – पश्चिम बंगाल के चाय बागान इलाके के अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को बचपन बचाओ आंदोलन की सूचना पर पटना पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट तथा बाढ़ पुलिस स्टेशन एवं रेल सुरक्षा बल, दानापुर डिवीजन के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के संयुक्त अभ्यास से मानव तस्करी के चंगुल से आजाद कराया गया. दोनों नाबालिग लड़कियों को बीते 23 अगस्त को कालचीनी, अलीपुरद्वार से शादी का झांसा देकर दो युवक उन्हें पटना के बाढ़ क्षेत्र में ले आये थे. उन दोनों युवकों से लड़कियों का संपर्क फेसबुक के माध्यम से हुआ था. दोनों अपराधियों का पहचान बढ़ापुर मोकामा के राकेश कुमार तथा भोला कुमार पासवान के रूप में किया गया.

अपराधियों बाढ़ के बाढ़ रेलवे स्टेशन के समीप वेदरना गांव में पिछले 2 दिन से किराए के मकान में दोनों लड़कियों के साथ रह रहे थे. इस मामले में बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक अरिजीत अधिकारी ने बताया कि यह मामला बहुत ही गंभीर रूप से देखना जरूरी है.

क्योंकि पश्चिम बंगाल के चाय बागान क्षेत्र से लड़कियों को आए दिन मानव तस्करों के द्वारा देह व्यापार में धकेला जा रहा है. देखा गया है कि इनमें से ज्यादातर घटनाओं में गरीबी का फायदा उठाते हुए लड़कियों के साथ पहले तस्कर दोस्ती करते हैं और फिर शादी का झांसा देकर उन्हें अच्छे जिंदगी का सपना दिखाया जाता है और फिर उन्हें देह व्यापारियों को बेच दिया जाता है. रेस्क्यू ऑपरेशन में पटना एचटीयू प्रभारी रामाशंकर, बाढ़ थाना के एस एच ओ, चौकी जय मिश्रा तथा त्रिपुरारी सिंह बचपन बचाओ के जय मिश्रा तथा त्रिपुरारी सिंह आदि शामिल थे.

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