नेपाल ने छोड़ा 4.5 लाख क्यूसेक पानी ; सारण तटबंध के तटीय क्षेत्रों में मंडराने लगा बाढ़ का खतरा

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CHHAPRA DESK – नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण नेपाल द्वारा वाल्मीकिनगर बराज से 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जिसके कारण गंडक नदी एक बार फिर उफान पर है. गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण सारण तटबंध के निचले इलाकों में बसे रामपुररुद्र 161, सारंगपुर, बसहिया, सलेमपुर, पृथ्वीपुर आदि गांवों के सैकड़ों परिवारों के ऊपर एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

वही सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जियों एवं धान की फसलों के नुकसान होने की आशंका प्रबल हो गयी है. विगत कई वर्षों से विस्थापन की जिंदगी जीने को विवश इन गांव के लोगो को एक बार फिर विस्थापित होने का भय सताने लगा है. हालांकि संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी पूरी तरह अलर्ट है.

जल संसाधन विभाग के एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पानापुर प्रखंड के पृथ्वीपुर एवं तरैया प्रखंड के माधोपुर गांव के बीच सारण तटबंध के सभी स्लुइस गेटो को बंद कर दिया गया है एवं सारण तटबंध की सतत् निगरानी की जा रही है. वही जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि नेपाल द्वारा छोड़े गये चार लाख पैतालीस हजार क्यूसेक पानी शनिवार तक पानापुर क्षेत्र में प्रवेश करेगा, इसलिए अगले 48 घंटे तक प्रखंडवासियो को सजग रहने की जरूरत है.

उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे के अंदर गंडक के जलस्तर में लगभग डेढ़ मीटर के वृद्धि की संभावना है. उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ की आशंका के मद्देनजर जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है.

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