नारी शक्ति को सलाम करने का अवसर है राष्ट्रीय महिला दिवस

0 minutes, 1 second Read

CHHAPRA DESK – राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोपालगंज स्थित अंबेडकर भवन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन के द्वारा किया गया. जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली बच्चियों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया. वहीं जूडो कराटे के माध्यम से भी बच्चियों ने अपना कौशल इस मंच से प्रदर्शित किया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी, अनुमंडल पदाधिकारी प्रदीप कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर ज्योति कुमारी, जिला परिवहन पदाधिकारी मनोज कुमार रजक, तथा आईसीडीएस की जिला पदाधिकारी और महिला थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे.

डीएवी उच्च विद्यालय तथा केंद्रीय विद्यालय के-छात्राओं ने इस मंच से जोरदार प्रदर्शन किया तो वही वरीय अधिवक्ता कुमारी निधि के द्वारा इस मंच से बच्चियों को संबोधित करते हुए कानून के माध्यम से मिलने वाली सुरक्षा के बारे में उन्हें जानकारी दी गई और बच्चियों को बुराई के खिलाफ आवाज उठाने के लिए भी आह्वान किया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि सिर्फ कानून बनाने से हमारी बच्चियों की सुरक्षा नहीं होगी. बल्कि, कानून के साथ-साथ हमें अपनी मानसिकता को ही बदलना होगा.

हालांकि आज बच्चियां देश के सर्वोच्च पदों पर भी विराजमान हो रही हैं. उसके बावजूद भी कहीं-कहीं आज भी बच्चियों के साथ भेदभाव हो रहा है. जिसे दूर करने के लिए हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा और बच्चियों के खिलाफ समाज में व्याप्त बुराई को जड़ से उखाड़ कर फेंकना होगा. ताकि हमारी बच्चियां पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर देश, समाज और अपने परिवार को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकें. सरकार के माध्यम से भी बच्चियों को 40% से अधिक रोजगार के क्षेत्र में भी आरक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का अवसर दिया जा रहा है.

अब जरूरत है तो हर व्यक्ति के मानसिकता को बदलने की. भेदभाव को मिटा कर बच्चियों के खिलाफ होने वाली हिंसा, दुष्कर्म तथा दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों को समाज से हर हाल में मिटाना होगा. ताकि हमारी बच्चियां आने वाले वक्त में और मजबूती से राष्ट्र के विकास में अपना योगदान दे सकें. राष्ट्रीय बालिका दिवस देश के उस नारी शक्ति को सलाम करने का दिन है, जो आज हमारे राष्ट्र को मजबूत करने में अपना योगदान दे रही हैं.

जिलाधिकारी ने देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी तथा प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाएं आज जो चाहे वह स्थान प्राप्त कर सकती हैं. इसलिए हमेशा उनका हौसला बढ़ाइए और उनके साथ भेदभाव बंद करिए.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *