डाक विभाग के जीडीएस पद पर बहाली के लिए बड़े पैमाने पर धांधली उजागर ; 3 से 5 लाख में होती है सेटिंग ; ऑनलाइन अप्लाई करने वाले सभी विद्यार्थी हैं टॉपर

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CHHAPRA DESK – डाक विभाग में जीडीएस की बहाली में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आ रही है. यहां एक से बढ़कर एक दलाल बैठे हैं, जो 3 से 5 लाख में आपका सेटिंग करवा देंगे. वह भी डाक विभाग में ज्वाइन करने के बाद आपको पैसे देने होंगे. इसके लिए तरह-तरह के जुगत और हथकंडे दलालों के द्वारा अपनाए जाते हैं.

इस बात का खुलासा तब हुआ जब डाक विभाग में जीडीएस पद के लिए करीब पंद्रह सौ आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए. जिसमें आवेदकों के द्वारा जमा किए गए हैं ऑनलाइन आवेदन काफी चौंकाने वाले हैं. क्योंकि सभी के मार्क्स 90% से 100% तक है.

फर्जी मार्कशीट बनाकर की जाती है सेटिंग

आपको बता दें कि डाक विभाग में जीडीएस पद के लिए बहाली डायरेक्ट इंटरव्यू के आधार पर की जाती है. जिसमें सिर्फ और सिर्फ बोर्ड परीक्षा का मार्क्स देखा जाता है. जिसका लाभ डाक कर्मियों और पदाधिकारियों की मिलीभगत से दलाल बखूबी उठाते हैं. जिसमें उनका सहयोग साइबर कैफे संचालक करते हैं. साइबर कैफे की मिलीभगत से आवेदक अपना फर्जी मार्कशीट बनवाते हैं.

जिसमें उन्हें 100% मार्क्स प्राप्त होता है. धीरे-धीरे ऐसे मार्कशीट सैकड़ों की संख्या में आने लगे तो विभागीय जांच शुरू हुई. क्योंकि जब प्रतिवर्ष कुछ ही बच्चे टॉप करते हैं और उनका भी मार्क्स 95 से 98 % तक होता है. तब सैकड़ो बच्चे कहां से ऐसे आ गए जो 100% मार्क्स दिखा रहे हैं. जिसके बाद शुरू होता है दलालों का खेल और सिलेक्ट किए जाने वाले सभी आवेदकों से 3 से ₹500000 की दलाली सेट होती है जो कि जॉइनिंग के बाद देना होता है.


धांधली उजागर होने पर इंटरव्यू के लिए नहीं पहुंचे अभ्यर्थी

बोर्ड का फर्जी मार्क्स शीट पर ऑनलाइन आवेदन किए जाने का मामला प्रकाश में आते ही उन अभ्यर्थियों में हड़कंप मच गया. सूत्रों की मान्यता 11 आवेदकों का मार्क्स शीट फर्जी पाया गया है. इस घटना के प्रकाश में आते ही आवेदकों में हड़कंप मच गया और छपरा प्रधान डाकघर में एक भी आवेदक इंटरव्यू के लिए नहीं पहुंचा.

क्या कहते हैं प्रवर डाक अधीक्षक

इस मामले में पूछे जाने पर प्रधान डाकघर छपरा के एसएसपीओ धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने 1 दिन पहले ही यहां पदभार ग्रहण किया है. उनके संज्ञान में यह सब कुछ नहीं है. जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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