#ज्योति मौर्या प्रकरण के बाद अपनी पत्नी को अधिकारी बनाने का रिस्क नहीं ले सकता क्योंकि बेवफा वह भी हो सकती है : पीड़ित पति

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BUXAR DESK – यूपी के प्रयागराज में सफाईकर्मी आलोक मौर्या और उसकी पत्नी एसडीएम ज्योति मौर्या का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. ज्योति मौर्या के तथाकथित रूप से बेवफा होने का मसला पूरे देश में ट्रेंड पर है और हर तरफ इस प्रकरण की चर्चा हो रही है. अपने पति के आरोपों के बाद ज्योति मौर्या ट्रेंड में क्या आईं पूरे देश में कई पुरुष अपनी पत्नियों को संदेह की निगाह से देखने लगे हैं.

देश में ऐसे अनेक मामले सामने आ रहे हैं जहां सिविल सर्विसेज की तैयारी करवा रहे पति अपनी पत्नी को वापस बुला रहे हैं. इस घटना का असर बिहार के बक्सर में भी देखने को मिला है. बक्सर जिले के मुरार थाना क्षेत्र निवासी पिंटू कुमार सिंह ने अपनी पत्नी को तैयारी छुड़वा कर वापस बुला लिया तो वह अपने पति के खिलाफ आवेदन लेकर थाने पहुंच गई.

उस महिला का कहना है कि वह बीपीएससी परीक्षा की तैयारी करती है, लेकिन उसके पति अब पढ़ाई करने से रोक रहे हैं. मामला जब थाना में पहुंचा तो इसकी चर्चा होने लगी. यह मामला थाने में पहुंचा तो थानाध्यक्ष ने भी पति को समझाया कि हर पत्नी एक जैसी नहीं होती, लेकिन पति उसकी बात मानने को तैयार नहीं.

पत्नी भी बार-बार यह कर रही है कि ऐसा नहीं है कि किसी एक पत्नी ने कोई गलत कदम उठा लिया तो देश की और पत्नी ऐसा ही करेगी. बताया जा रहा है कि मुरार थाना क्षेत्र के चौगाई गांव निवासी पिंटू कुमार सिंह की शादी वर्ष 2010 में हुई थी. उसी वक्त से उनकी पत्नी को वो प्रयागराज में रखकर बीपीएससी की तैयारी करा रहे थे लेकिन पिछले दिनों ज्योति मौर्य नामक महिला के अधिकारी बनने के बाद उसके पति आलोक मौर्या की हालत देखकर उन्होंने सख्त कदम उठाया और पत्नी को वापस बुला लिया है.

पूरे जिले में ये मामला चर्चा का केंद्र बन गया है. फिलहाल पति को लोग समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन पति अपनी पत्नी को वापस प्रयागराज न भेजने की जिद पर अड़ा हुआ है. पति का कहना है मेरी भी शादी 2010 में हुई थी जिस तरह से आलोक मौर्या की हुई थी, ऐसे में मैं अब अपनी पत्नी को पढ़ाने और अधिकारी बनाने का रिस्क नहीं ले सकता हूं.

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