छपरा में करोड़ों के अष्टधातु की ऐतिहासिक मूर्ति चो’री ; महावीरी मेला से पूर्व महावीरजी को उठा ले गए चो’र

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CHHAPRA DESK – सारण जिले में एक तरफ जहां महावीरी मेला को लेकर धूम मची हुई है और जोर-जोर से पूजा की तैयारी चल रही है. वहीं चोरों ने अति प्राचीन ऐतिहासिक महावीरजी के अष्टधातु की मूर्ति ही प्राचीनतम मठ से चोरी कर ली है. इस घटना के बाद जहां ऋषि मुनियों एवं भक्तों में आक्रोश है. वहीं सूचना के बाद रेलवे में थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुटी है. घटना जिले के रिविलगंज नगर पंचायत के सेमरिया गांव स्थित पवहारी बाबा मठ का है.

जहां बीती रात चोरों ने पूजाघर से हनुमानजी की डेढ़ फीट ऊंची अष्टधातु की सैकड़ो वर्ष प्राचीन मूर्ति की चोरी कर ली है. इस घटना की जानकारी मंदिर के पुजारी को तब हुई जब सुबह में उठकर वह अपने कमरे में मंदिर की चाबी के गुच्छे को नहीं पाये. जिसके बाद उन्हें शक हुआ तो उन्होंने कमरे से बाहर निकाल कर देखा तो एक कमरे के ताला और गुलाबा को उखाड़कर फेंक गया था.

वही मुख्य पूजाघर से अति प्राचीन अष्टधातु के महावीरजी की मूर्ति गायब थी. जिसके बाद इस घटना की सूचना उनके द्वारा गांव वालों को दी गई. सूचना के बाद काफी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु आक्रोशित हो गए और आक्रोश व्यक्त करते हुए इस घटना की सूचना रिविलगंज थाना पुलिस को दी गई. सूचना के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर छानबीन में जुटी है.

बता दें कि कुछ वर्ष पहले भी इस मंदिर से वही मूर्ति चोरी की गई थी. जिसे बगीचे में मिट्टी खोदकर छुपाया गया था लेकिन उसे बरामद कर लिया गया था. मंदिर के पुजारी ने बताया कि इस अष्टधातु के मूर्ति की वजन करीब 40 से 42 किलोग्राम है. जिसकी बाजार में कीमत करोड़ों रुपए है. इस मूर्ति पर चोरों की नजर वर्षों से लगी हुई थी.

एक बार उनके द्वारा चोरी कर उस मूर्ति को बगीचे में गड्ढा खोदकर छुपाया गया था, लेकिन रात्रि में छुपाए जाने के कारण गड्ढे से मूर्ति का कपड़ा बाहर निकाला था. जिसके आधार पर गड्ढा खोदकर मूर्ति को बरामद की गई थी और पुन: मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया था.

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