गोपालगंज में महावीरी मेले से समापन के दौरान दो पक्षों में हिंसक झड़प

GOPALGANJ DESK – गोपालगंज जिले के भोरे में आयोजित महावीरी मेले के समापन के समय मंच पर चढ़ने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गयी थी. उक्त घटना के विरोध में बाजार बंद था. लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को लेकर दोपहर बाद एक बार फिर बाजार की रौनक लौट आई. सभी दुकानें खुल गई. वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने नियम तोड़ने और विधि व्यवस्था को भंग करने के मामले में मजिस्ट्रेट के बयान पर 11 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है.

स्टेज पर चढ़ने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ था विवाद

गोपालगंज के भोरे में महावीरी मेले का आयोजन किया गया था. उसी दौरान देर शाम भोरे रेफरल अस्पताल के अखाड़ा नं एक में बने स्टेज पर एक युवक चढ़ने लगा. जिसे मना करने पर अखाड़ा समिति और युवक के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई. दो पक्ष के लोग आपस में भिड़ गये. इसमें दो छात्र सहित तीन लोग घायल हो गये. दोनों पक्षों के बीच हुए झड़प के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालांकि स्थानीय बुद्धिजीवियों के बीच बचाव के कारण मामला शांत हो गया.

सुबह होते ही बाजार बंद कराने सड़क पर उतरे व्यवसायी

रात की घटना को लेकर भोरे के व्यवसायियों का आक्रोश रविवार की सुबह फूट पड़ा. घटना के विरोध में व्यवसायी सड़क पर उतर आये. उनके आह्वान पर भोरे बाजार की सभी छोटी-बड़ी दुकानें बंद हो गई. आक्राेशित व्यवसायी थाने पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग करने लगे. दोपहर तक हंगामा जारी रहा. दुकानें बंद रहीं. रविवार होने के कारण बाजार बंद होने से आमलोगों की परेशानी बढ़ने लगी.

दोपहर बाद दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता, खुली दुकानें

बाजार बंद होने और दोनों पक्षों के बीच जारी तनाव को देखते हुए स्थानीय बुद्धिजीवियों ने दोनों पक्षों के बीच संवाद कर उनकी एक बैठक बुलाई. बैठक में रात में हुई घटना की निंदा करते हुए दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलती स्वीकार की और दुकानों को खाेलने पर राजी हो गये. दोनों पक्षों की सहमति के बाद बाजार को दोपहर बाद खोल दिया गया.

पुलिस ने 11 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर दर्ज की प्राथमिकी

भोरे में महावीरी मेले में हुआ बवाल के बाद पुलिस ने मामले में 11 लोगों को नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली. यह प्राथमिकी बीएओ म. शाह रजा हुसैन और गंडक विभाग के अभियंता पुष्कर सिंह के बयान पर दर्ज की गई है. जिसमें सरकारी आदेश के उल्लंघन और विधि व्यवस्था को भंग करने का आरोप लगाते हुए भोरे के भृगुनाथ सिंह, वीरेंद्र साह, मुन्ना साह, शंकर साह, सुमेर कुमार, रमैया कुमार जायसवाल, मन्नु प्रसाद, मंशी साह, शत्रुघ्न कुमार, रवि जायसवाल और पांडेय खजुरहां के प्रशांत गोंड तथा 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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