एक तो छपरा नगर निगम की सफाई व्यवस्था ध्वस्त ऊपर से सफाई कर्मी गए हड़ताल पर ; आश्वासन के बाद मामला टला ; कहा नहीं बनाएंगे बायोमैट्रिक अटेंडेंस

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CHHAPRA DESK –  “सिर मुंडाते ही ओले पड़ना” यह कहावत भी आपने जरूर सुनी होगी. आज नगर निगम की स्थिति भी कुछ ऐसे ही हैं. नगर निगम प्रशासन के द्वारा सफाई कर्मियों की नकेल कसी गई तो सफाई कर्मियों ने हड़ताल कर दिया. आज सुबह नगर निगम पहुंचे सफाई कर्मियों ने हड़ताल की घोषणा करते हुए कार्यालय कक्ष एवं नगर निगम परिसर में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. हुआ यूं कि सुबह सफाई कर्मी जब अपने कार्य के बंटवारे और हाजरी के लिए नगर निगम गए तो वहां बताया गया कि हाजरी बायोमेट्रिक 6 बजे 9 बजे 11 बजे और 2 बजे यानि कि 4 बार बनानी पड़ेगी.

 

इस बात को सुनते ही कर्मचारी उग्र हो गए और काम ठप्प करने की बात करने लगे सूचना पाकर बिहार लोकल बॉडीज इम्लाईज फेडरेशन के छपरा नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मो सुल्तान हुसैन इदरीसी भी पहुंचे और उप नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर से इस बारे में विस्तार से जानना चाहा और नगर आयुक्त को बुलाने की मांग की. नगर आयुक्त के आने के बाद भी जब नगर आयुक्त ने इस सम्बंध में ध्यान नही दिया तो संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में नारे बाजी की गई और हड़ताल की घोषणा की गई.

तब नगर आयुक्त सभी सफाई कर्मियों से मिले और उनका हाल जान कर उनकी मांगों को सुना मगर मांगो पे सही निर्णय नही होने पे संघ के अध्यक्ष से उनकी नोक झोंक भी हो गई औऱ वार्ता असफल रहा. तब कर्मी मेन गेट को जाम कर के नगर आयुक्त को बाहर निकलने से रोक लिया. फिर उप नगर आयुक्त और सिटी मैनेजर ने संघ के अध्यक्ष को बुला कर वार्ता की और नगर आयुक्त द्वारा निम्न मांगो को मान लेने और विभाग को सूचित कर देने की सूचना दी गई.

उस दौरान सफाई कर्मियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांगों में बकाया मानदेय जल्द से जल्द भुगतान करने, महिलाओं को 2 बजे तक न रोकने, सफाई निरीक्षको को कार्य करने हेतु गाड़ी के लिए 20 लीटर तेल देने, बायोमेट्रिक हाजरी वार्ड में ही लगाने, कर्मियों को ड्रेस कुदाल झाड़ू ग्लोब्स जूता और आवश्यक सफाई उपकरण उपलब्ध कराने, अनुकम्पा पे नौकरी के लिए रोस्टर बनाने सहित अन्य मांगे शामिल हैं.

इस वार्ता के बाद हड़ताल की समाप्ति की घोषणा संघ के अध्यक्ष मो सुल्तान हुसैन इदरीसी ने किया और साथ ही कहा कि निगम आयुक्त हो सरकार के प्रतिनिधि किसी को भी कर्मियों का शोषण नही करने दिया जाएगा. जिस तरह का काम है उस तरह का सम्मान भी मिलना चाहिए. अगर उनकी समस्याओं का निवारण नहीं किया जाता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा. जिसकी सारी जिम्मेवारी नगर आयुक्त की होगी.

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