अंधविश्वास ऐसा कि झाड़-फूंक के चक्कर में गई किशोरी की जान लेकिन नहीं कराया पोस्टमार्टम

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CHHAPRA DESK – ओझा-गुनी के प्रति अंधविश्वास आज भी इस कदर है कि लोग उनकी शरणागत हो जाते हैं. आज उसी झाड़-फूंक के चक्कर में एक किशोरी की जान चली गई. मामला सारण जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुछरी गांव का है. जहां स्थानीय संतोष महतो की 13 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी की मौत झाड़-फूंक के चक्कर में हो गई. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बनियापुर थाना क्षेत्र के पुछरी गांव में सर्पदंश से 13 वर्षीय नेहा अचेत हो गई,

जिसकी मौत झाड़-फूंक के चक्कर में हो गई. घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि किसी विषैले सर्प ने उसे डस लिया. जिसके बाद जिसके बाद उसे लेकर झाड़-फूंक करने वाले ओझा के पास चले गये, जहां झाड़-फूंक के दौरान उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई. करीब 5-6 घंटे उपचार के बाद जब उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो परिजन उसे लेकर छपरा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई है.

चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना के बाद घर वालों में कोहराम मच गया. उसकी मां का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया. वहीं रोते पीटते परिजन बच्ची के शव को लेकर घर के लिए निकल गये. क्योंकि उनका अंधविश्वास अभी भी टूटा नहीं था और पोस्टमार्टम कराने से परहेज करते हुए शव को लेकर चले गये.

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