प्रशासन ने एक नाव के डूबने की बात की स्वीकार ; छापेमारी के दौरान नाव खोलने पर थी डूबी

0 minutes, 0 seconds Read

CHHAPRA DESK – सारण जिले के डोरीगंज थाना अंतर्गत बलुआ गांव के समीप आधा दर्जन नाव के डूबने की बात को खारिज करते हुए डोरीगंज थाना अध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान लाल बालू ढुलाई में प्रयोग की जाने वाली एक नाव को जिला प्रशासन के द्वारा खोल दिया गया था जो कि बीच में धार में जाकर डूब गई थी. वहीं बीते दिन 6 नाव के डूबने और अनेक नाविकों के डूबने की सूचना के बाद उनके द्वारा सदर सीओ की पहल पर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया था.

जिसके बाद टीम के द्वारा गंगा नदी में गस्त की गई थी, लेकिन कहीं से न तो इस बात की पुष्टि हुई ना ही कोई नदी से शव बरामद किया गया. जिसके बाद टीम वापस लौट गई. हालांकि डोरीगंज थाना क्षेत्र स्थित रहरिया घाट पर आधा दर्जन नाव के डूबने की बात बताई जा रही है, लेकिन कोई कैमरे के सामने आने को तैयार नहीं है. नाम और फोटो नहीं छापने कि आश्वासन के बाद घाट पर मौजूद बालू लोडिंग अनलोडिंग कर रहे मजदूरों ने बताना शुरू किया की डूबने वाली नाव में एक नाव चिरांद की भी थी. लेकिन कोई नाव मालिक इस बात की पुष्टि करने को तैयार नहीं है.

ऐसी स्थिति में नाव के डूबने की पुष्टि कर पाना संभव नजर नहीं आ रहा, लेकिन प्रशासन के द्वारा एनडीआरएफ टीम का बुलाया जाना और नदी में जांच करना भी कुछ अलग कहानी बयां कर रहा है. ऐसी स्थिति में जब तक नदी से किसी नाव के डूबने या किसी नाविक का शव बरामद नहीं होता तब तक कुछ कह पाना मुश्किल है.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *