कृषि वानिकी पर जागरूकता के लिए वन प्रमंडल पदाधिकारी ने सभी पंचायतों के मुखिया के साथ बैठक कर किया विचार विमर्श

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CHHAPRA DESK – निजि भूमि की प्रकाष्ठों के परिवहन, घोड़परास, जंगली सूअरों का आखेट एवं कृषि वानिकी से संबंधित जागरूकता हेतु जलालपुर, छपरा सदर, नगरा, रिविलगंज प्रखण्ड के मुखियों के साथ सारण जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी रामसुंदर एम ने बैठक आयोजित कर विचार विमर्श किया. बैठक में उन्होंने बताया कि बिहार सरकार पर्यावरण एवं वन विभाग की अधिसूचना के द्वारा पॉपुलर की सभी प्रजातियां, युकेलिप्टस की सभी प्रजातियां, आम, गम्हार, ताड़, लिची, खजुर, बांस (लाठी बांस को छोड़कर), सेमल, इजराईली बबूल, विलायती बबूल,

गुलमोहर, बेल, अमरूद, मीठा नीम, जकरंडा, सुबबूल, शहतुत, अशोक, कैजुरिना, सिल्वर ओक, पाम, नींबू, संतरा, मौसमी, पेल्टोफॉर्म, रबर, रिमझा / सफेल बबूल प्रजातियों के आयातीत प्रकाष्ठों के राज्य में परिवहन हेतु अनुज्ञा पत्र बाध्यता से मुक्त होने से संबंधित जानकारी दी. बिहार काष्ठ तथा अन्य वन उत्पादन (अधिवहन विनियमन) (संशोधन) नियमावली 2002 की छायाप्रति बैठक में उपस्थित सभी मुखियाओं को उपलब्ध कराते हुए किसान के निजि जमीन पर उगाए गए वृक्षों के काष्ठों से संबंधित जानकारी वनों के क्षेत्र पदाधिकारी द्वारा दिया गया.

घोड़परास / जंगली सूअरों का आखेट करने एवं उनके शवों का निष्पादन करने के संबंध में उपस्थित सभी मुखिया को विस्तृत जानकारी वनों के क्षेत्र पदाधिकारी दिया गया.
बैठक में उपस्थित सभी मुखिया को वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, छपरा द्वारा कृषि वानिकी योजना से संबंधित जानकारी देते हुए उन्हें अपने क्षेत्रांतर्गत किसानों के बीच इस योजना का प्रचार प्रसार करने हेतु आग्रह भी किया गया, ताकि अधिक से अधिक किसानों द्वारा इस योजना का लाभ उठाया जा सके.

जेपी विश्वविद्यालय कैंपस विवागिय पौधशाला में आयोजित बैठक में लगभग 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया. बैठक के संबंध में सारण के डीएफओ रामसुंदर एम ने कहा कि इस माह सभी प्रखंडों में मुखियों के साथ इसी प्रकार की बैठक आयोजित की जायेगी. इसके माध्यम से उनको वन, पर्यावरण और वन्य जीवन के संबंध में उनके अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में सशक्त बनाया जाएगा.

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