कौशल विकास व रोजगार के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन ; डीएम ने युवाओं को लाभान्वित करने का दिया निर्देश

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CHHAPRA DESK –   ​ बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में आज समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना एवं मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना (CM-Pratigya) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था. ​कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ​बिहार सरकार की इस पहल का मूल उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं का कौशल विकास और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है. इसके लिए यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक निजी क्षेत्र के उद्यमियों (नियोक्ताओं) को इन योजनाओं के पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जाए, ताकि वे युवाओं को प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर सकें. ​

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जिलाधिकारी ने DRCC (जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र) की टीम को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि टीम फील्ड में जाकर ग्रासरूट स्तर पर युवाओं को मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की पात्रता और लाभों के बारे में जागरूक करें. इस कार्यशाला में बिहार कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक मनीष शंकर, समन्यवक, बिहार कौशल विकास मिशन, संजय कुमार, सहायक निदेशक नियोजन, छपरा, भरत राम, नियोजन पदाधिकारी, पिंकी भारती, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि, जिले के प्रमुख नियोजक, कौशल विकास केंद्रों के संचालक एवं अन्य संबंधित हितधारक (Stakeholders) उपस्थित रहे.

कार्यशाला में साझा की गई मुख्य योजनाओं की जानकारी :

◆ ​प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना:
पात्रता -18 से 25 वर्ष के युवा
​लाभ – 6 से 9 माह की अवधि के लिए ₹9,000 प्रति माह की सहायता और ₹6,000 की एकमुश्त जॉइनिंग सहायता
◆ ​मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना (बिहार): पात्रता – 12वीं पास, आईटीआई/डिप्लोमा और स्नातकों के लिए
लाभ – ₹4,000 से ₹6,000 तक के स्टाइपेंड का प्रावधान.

​जिले से बाहर इंटर्नशिप करने पर अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन की व्यवस्था

◆ ​राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना (NAPS):

उद्योगों के माध्यम से ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और सरकारी वित्तीय सहायता का लाभ

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