रिश्वत लेते पकड़े गए तकनीकी सहायक की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त

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CHHAPRA DESK –  ​सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक कड़ा अनुशासनिक निर्णय लिया गया है. रिश्वतखोरी के मामले में दोषी पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के अंतर्गत पानापुर प्रखंड में कार्यरत तकनीकी सहायक (संविदा), मो० राजा करीम को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त (Terminate) कर दिया गया है. ​विदित हो कि विशेष निगरानी इकाई द्वारा दिनांक 24 सितंबर 2025 को मो० राजा करीम को ₹50,000/- (पचास हजार रुपये) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था. इस संबंध में विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-20/2025 दर्ज किया गया था.

उस मामले में निगरानी विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों, कॉल ट्रांसक्रिप्ट और रंगे हाथों गिरफ्तारी के प्रतिवेदन से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा कार्य के बदले रिश्वत की मांग की गई थी.  तब नियमानुसार आरोपी को अपना पक्ष रखने के लिए स्पष्टीकरण का अवसर दिया गया, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया और न ही वे निर्दोष होने का कोई साक्ष्य प्रस्तुत कर सके. जिसको लेकर पंचायती राज विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्पों के आलोक में सरकारी सेवक के इस कृत्य को घोर कदाचार और सेवा शर्तों का उल्लंघन माना गया.

उक्त मामले में ​जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है. किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग या आम जनता से अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध इसी प्रकार की कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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