खत्म हुआ प्रभु का ‘कानूनी वनवास’, मशरक में निकला भव्य जुलूस

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CHHAPRA DESK –   मशरक (सारण)। त्रेता युग में भगवान राम को 14 वर्षों का वनवास काटना पड़ा था, लेकिन आधुनिक समय में सारण जिले के मशरक में प्रभु श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी को एक अलग ही ‘कानूनी वनवास’ का सामना करना पड़ा. सारण जिला अंतर्गत मशरक थाना परिसर से सटे राम-जानकी शिव मंदिर से चोरी हुई मूर्तियों के बरामद होने के बाद कानूनी प्रक्रियाओं के चलते इन्हें मालखाने में रखा गया था. अब लंबे इंतजार के बाद आस्था की जीत हुई है और मशरक वासियों की प्रतीक्षा समाप्त हो गई. कोर्ट के आदेश के बाद ये मूर्तियां पुनः अपने भव्य गर्भगृह में स्थापित की जाएंगी.

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आज सोमवार को मंदिर परिसर से डीएसपी संजय कुमार सुधांशु, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान, अपर थानाध्यक्ष श्रवण कुमार पाल ने कागजी कार्रवाई पूरा कराते हुए राम जानकी शिव मंदिर के कमिटी को सौंपा. वहीं सैकड़ों ग्रामीणों के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच थाना परिसर से मूर्तियों को मंदिर समिति ने रथ पर सवार करा नगर परिभ्रमण कराया. वहीं मंदिर कमिटी ने डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारीयों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. मौके पर मंदिर समिति में जितेन्द्र सिंह, केदार सिंह, चन्द्रमा सिंह, दूधनाथ सिंह, विक्रमा सिंह, पुजारी टुन्ना बाबा, वार्ड पार्षद राजेश तिवारी, मुकेश कुमार सिंह, पूर्व मुखिया छोटा संजय, शिव कुमार राय समेत अन्य सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

डीएसपी संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि मूर्ति चोरी कर ली गई थी, जिसे बरामद किया गया, वहीं चोरों को भी जेल भेजा गया. न्यायालय के आदेशानुसार मूर्ति कमेटी को सौंप दिया गया. भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर पूरे नगर में भव्य ‘नगर परिक्रमा’ कराई गयी, ताकि श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन कर सके. नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा फूलों की वर्षा कर प्रभु का स्वागत किया. समिति के चन्द्रमा सिंह ने बताया कि जल्द ही मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को बैठक आयोजित कर तिथि की घोषणा की जाएंगी.

विदित हो कि बीते 5 जनवरी को चोरों के द्वारा मंदिर परिसर के गर्भ गृह का ताला काट भगवान राम, मां जानकी और भगवान लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति चोरी कर ली गई थी. हालांकि पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए इस कांड का पर्दाफाश कर दिया. डीएसपी संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि कांड का पर्दाफाश करते हुए मशरक के तख्त टोला गांव निवासी अखिलेश तिवारी, पूर्वी चम्पारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के गोपी छपरा गांव निवासी मुन्ना सहनी पिता मोहन सहनी और भोपतपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव निवासी संजय सिंह पिता शंभू सिंह को मूर्ति कांड में गिरफ्तार किया और कांड का उद्भेदन किया गया.

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