आखिर कौन पी गया शराब ? ; पुलिस के नाक के नीचे जाम नाले में एक दर्जन से अधिक विदेशी शराब की बोतलें

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CHHAPRA DESK –   सारण में शराबबंदी का ढोल पूरी तरह फट चुका है. आए दिन शराब पीकर दुर्घटना करने, मारपीट करने और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शराब की बरामदगी इसे साबित भी कर रहा है. वैसे शराब पीने का जहरीली कांड भी सारण जिले के नाम है, जो कि एक बार नहीं कई बार हो चुका है और जगविदित भी है. ताजा मामला छपरा जंक्शन के जीआरपी थाना के नाक के नीचे से सामने आया है. छपरा जंक्शन परिसर स्थित जीआरपी थाना के द्वार से एक बड़ा नाला निकलता है जो कि रेलवे लाइन की तरफ जाता है और इसी नाले के पुलिया पर चढ़कर जीआरपी थाने में प्रवेश किया जाता है.

वैसे यह नाला पूरी तरह जाम ही है और इसी जाम नाला ने शराब की पोल खोली है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर यहां शराब पीता कौन है और कोई पीता है तो जीआरपी थाने को इसकी भनक कैसे नहीं ? जबकि जीआरपी थाने से आने-जाने में भी नाला की गंदगी पर पड़ी एक दर्जन से अधिक अंग्रेजी शराब की बोतलें स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है. लेकिन जीआरपी थाने व आरपीएफ को इसकी भनक कैसे नहीं, यह भी सोचनीय बात है.

रेल डीएसपी पहुंची थी जीआरपी थाने

बता दें कि जीआरपी थाने के निरीक्षण को लेकर आज मुजफ्फरपुर रेल डीएसपी भी वहां पहुंची थी. उनकी सरकारी वाहन भी इस नाले के समीप ही खड़ी थी. ऐसे में जीआरपी थाने के सामने नाले में पड़ी एक दर्जन से अधिक शराब की बोतलों पर किसी की नजर नहीं पड़ी, यह भी ताज्जुब की बात है. वैसे जीआरपी प्रभारी और जीआरपी थाने की पुलिस के साथ आरपीएफ पोस्ट भी इससे अनभिज्ञ ही लगता है. पता नहीं किसी की नजर नहीं पड़ी या इसे अनदेखा किया जा रहा है,

यह एक जांच का विषय है. इससे तो ऐसा ही लग रहा जैसे शराब की बोतले थाने के बाहर पुलिस को ही मुंह चिढ़ा रही हो. अगर कोई कहे की शराब की बोतल नाले में बहकर आई है तो यह भी बता दें कि नाला पूरी तरह जाम पड़ा हुआ है उसमें बहाव है ही नहीं. जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि आसपास ही शराबियों का जमावड़ा हो सकता है जो कि शराब पीने के बाद बोतलें वहां फेंक रहे हैं.

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