सदर अस्पताल से मरीज को जबरन निजी क्लिनिक ले जाने के मामले में एंबुलेंस जब्त ; एक महीने में दूसरी बार कार्रवाई, पर नहीं थम रहा दलाली का खेल

CHHAPRA DESK –  अगर आप छपरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचते हैं तो रहे सावधान ! क्योंकि आपकी थोड़ी सी असावधानी आपको दलालों के चंगुल में फंसा कर किसी निजी अस्पताल तक पहुंचा सकती है. चौंकिए नहीं! छपरा सदर अस्पताल में ऐसा ही आए दिन हो रहा है. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक महीने के अंदर दूसरी ऐसी घटना को सिविल सर्जन ने स्वयं पकड़ा है और दोनों एंबुलेंस पर कानूनी कार्रवाई की गई है. ताजा मामला आज संध्या में हुआ, जब एक मरीज स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर सदर अस्पताल आया. लेकिन, उसके आते के साथ ही इमरजेंसी वार्ड के गेट पर मरीज को बताया गया कि सदर अस्पताल में बढ़िया इलाज नहीं है.

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आपको प्राइवेट में जाना पड़ेगा. मरीज भी समझ नहीं पाया और उसे प्राइवेट एंबुलेंस में चढा लिया गया. उसी वक्त सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा ऐन वक्त पर वहां पहुंच गए और माजरा समझते उन्हें देर नहीं लगी. जिसके बाद उन्होंने तुरंत 112 डायल को फोन करवाया और सूचना के बाद 112 डायल के साथ भगवान बाजार थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची. तब तक एंबुलेंस चालक एंबुलेंस छोड़कर भाग निकला और मरीज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं एंबुलेंस को जब्त कर भगवान बाजार थाना के हवाले कर दिया गया है. इस मामले में उक्त एंबुलेंस और चालक के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है.

मरीज के पति के बयान पर दर्ज की गई प्राथमिकी

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि जिले के मकेर थाना अंतर्गत नया टोला बघाकोल निवासी रीतरोधी सहनी मारपीट में जख्मी अपनी पत्नी इंदू देवी को स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किए जाने के बाद सरकारी एंबुलेंस से लेकर सदर अस्पताल पहुंचा था, जहां इमरजेंसी वार्ड के गेट पर से ही उसे सरकारी एंबुलेंस से उतार कर निजी एंबुलेंस में बैठा लिया गया. उसे यह कहकर कि अस्पताल में इलाज नहीं होगा और उसे प्राइवेट में ही जाना पड़ेगा. यहां बता दें कि इन्दू देवी का एक हाथ मारपीट के दौरान टूटा हुआ था, उसे दौरान से इमरजेंसी वार्ड में घुसने भी नहीं दिया गया था और इस समय सिविल सर्जन के आने के बाद मामला खुल गया. जिसके बाद चालक एंबुलेंस छोड़कर फरार हो गया. वहीं पुलिस ने एंबुलेंस को जब्त कर लिया. इस मामले में उस महिला के पति रितरोधी सहनी के बयान पर उक्त एंबुलेंस एवं चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

बीते 11 अगस्त को भी ऐसे ही मामले में एंबुलेंस किया गया था जब्त

बता दें कि 11 अगस्त को भी सिवान जिले के नगर थाना क्षेत्र के नया किला नवलपुर निवासी रणजीत चौहान की पत्नी गौरी चौहान इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंची. उसी दौरान अस्पताल में सक्रिय दलालों ने 102 एंबुलेंस से आई मरीज को सरकारी डॉक्टर से बिना दिखाए निजी क्लीनिक ले जाने की कोशिश की. 102 एंबुलेंस से मरीज को उतार कर सीधे निजी एंबुलेंस में रखा जाने लगा. उसी बीच सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा मौके पर पहुंचे तो देखा कि दलालों द्वारा उक्त महिला मरीज़ को जबरन 102 एंबुलेंस से उतार कर एक प्राइवेट एंबुलेंस (नंबर BR04PA 1581) में बैठाने की कोशिश कर रहे हैं.

तब उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी भगवान बाजार थानाध्यक्ष सुभाष कुमार सिंह को दी. वही पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को अपने कब्जे में ले लिया. हालांकि उस दौरान मरीज के परिजन भी निजी अस्पताल जाने को तैयार नहीं थे. जिसको लेकर इस मामले में उक्त महिला के पति रणजीत चौहान के बयान के आधार पर भगवान बाजार थाना में रसूलपुर थाना क्षेत्र की आशा कर्मी पुष्पा देवी एवं जब्त एंबुलेंस और उसके चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.

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