अत्याचार निवारण से संबंधित सभी मामलों का 31 अगस्त तक करें पूर्ण निष्पादन ; JPM में 100 बेड का छात्रावास निर्माण व वक्फ विकास योजना के तहत शेख टोली में प्रस्तावित बहुउद्देशीय भवन निर्माण को शीघ्र पूरा करने का दिया निर्देश

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CHHAPRA DESK –  सारण जिलाधिकारी अमन समीर ने आज जिला कल्याण पदाधिकारी तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के साथ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण तथा पिछड़ा/अति पिछड़ा वर्ग कल्याण से सम्बन्धित योजनाओं की समीक्षा की तथा अत्याचार निवारण से संबंधित वर्ष 2021, 2022 तथा 2023 के कुल 129 लंबित मामलों में 15 अगस्त तक निश्चित रूप से संबंधित पीड़ितों को द्वितीय किस्त की मुआवजा भुगतान की राशि प्रदान करने का निर्देश दिया. वहीं वर्ष 2024 के 127 लंबित मामलों में दिनांक 31 अगस्त तक निश्चित रूप से द्वितीय किस्त के मुआवजा भुगतान की राशि संबंधित पीड़ितों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. साथ ही कुल 28 हत्या के मामलों में नौकरी योग्य लंबित 09 मामलों में अविलंब आरोप गठित कराते हुए योग्य पीड़ितों को नौकरी दिलाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

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साथ ही सामुदायिक भवन सह वर्कशेड निर्माण हेतु 2024 – 25 में निर्धारित लक्ष्य 09 के विरुद्ध सभी 09 योजनाओं में अविलंब आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी सामुदायिक भवन से वर्कशेड का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही छपरा नगर निगम अंतर्गत बस स्टैंड के पास संचालित डॉ भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास में विभागीय निदेशानुसार 03 छात्रों जो BPSC/UPSC मुख्य परीक्षा में पास के लिए आरक्षित है, का नामांकन कराने हेतु दैनिक समाचारपत्रों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार कर योग्य 03 छात्रों का नामांकन कराने का निर्देश दिया गया.
समीक्षा के दौरान जिला अल्पसंख्यक

कल्याण पदाधिकारी को मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास योजना के तहत जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में प्रस्तावित 100 बेड का छात्रावास निर्माण, मुख्यमंत्री आवासीय विद्यालय योजना के तहत प्रस्तावित रिवीलगंज बालक आवासीय विद्यालय निर्माण तथा वक्फ विकास योजना के तहत शेख टोली छपरा में प्रस्तावित बहुउद्देशीय भवन निर्माण के कार्य में अविलंब अग्रेत्तर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. जिससे कि उक्त भवनों का निर्माण कार्य संपन्न कराकर संबंधित विद्यार्थियों को उनके पठान पाठन कार्य हेतु उक्त योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा सके.

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