अपार आईडी बनाने में शिथिलता को लेकर 6 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण

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CHHAPRA DESK –  सारण जिलाधिकारी अमन समीर द्वारा आज शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई. बताया गया कि वर्तमान में जिला में 82 भूमिहीन विद्यालय हैं जिनके भवन निर्माण हेतु भूमि की आवश्यकता है. जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर अपर समाहर्त्ता के माध्यम से भूमिहीन विद्यालयों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कार्रवाई का निर्देश दिया. विद्यालय में अध्यनरत छात्रों का अपार आईडी बनाया जा रहा है. वर्तमान में लगभग 55% छात्रों का अपार आईडी बनाया जा चुका है. इसकी धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। 55 प्रतिशत से कम अपार आईडी बनाने वाले प्रखंड सदर छपरा, जलालपुर, तरैया, दिघवारा, मांझी एवं एकमा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा गया.

 

ई-शिक्षा कोष पर बच्चों के आधार नामांकन की प्रविष्टि की जा रही है। अभी भी लगभग 90000 बच्चों का आधार नहीं बना है. सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को इस कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराने का निर्देश दिया गया. जिलाधिकारी ने कहा कि मध्याह्न भोजन के आपूर्तिकर्त्ता एजेंसी के केंद्रीयकृत किचन से भोजन डिस्पैच के समय संबंधित बीआरपी निश्चित रूप से वहां मौजूद रहें. सबसे दूर वाले विद्यालयों के लिए भोजन लेकर वाहन सबसे पहले किचन से खुले ताकि समय पर वहां खाना पहुंच सके। सभी किचन का औचक निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाएगा.

जिला के 712 विद्यालयों में पोषण वाटिका का निर्माण कराया जाना है. इसके लिए संबंधित विद्यालयों को राशि दी गई है. पोषण वाटिका में विभिन्न प्रकार की सब्जियों को उगाया जाएगा जिसका उपयोग मध्याह्न भोजन में भी किया जा सकेगा। साथ ही बच्चों को कृषि कार्यों के बारे में भी बेसिक जानकारी इसके माध्यम से दी जा सकेगी. बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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