चिरांद पर विशेष आवरण का विमोचन कर दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी अहिल्या पैक्स-2024 का समापन सह सम्मान समारोह किया गया संपन्न

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CHHAPRA DESK – सारण प्रमण्डल डाक विभाग द्वारा चिरांद पर विशेष आवरण का विमोचन तथा दो दिवसीय जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी अहिल्या पैक्स-2024 का समापन शहर के प्रेक्षागृह सह सभागार में किया गया. इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे परिमल सिन्हा, डाक महाध्यक्ष, उत्तरी प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर, डा0 प्रमेन्द्र कुमार वाजपेयी, उप कुलपति, जेपीयू छपरा, पुनीत कुमार गर्ग, ज़िला एवं सत्र नयायधीश, छपरा रॉबिन चंद्रा, सहायक निदेशक (फिलाटेली) परिमंडल कार्यालय, पटना, रवि वर्मा, ज्यूरी सदस्य(फिलाटेलिस्ट) एवं रमण कुमार मण्डल ज्यूरी सदस्य(फिलाटेलिस्ट) मंच पर मौजूद रहे.


कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्काउट के विद्यार्थियों द्वारा मुख्य अतिथियों का बैंड बाजे के साथ स्वागत किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर के किया गया. तत्पश्चात जय प्रकाश, प्रवर डाक अधीक्षक, सारण प्रमण्डल द्वारा मुख्य अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पौधा देकर तथा द्वारा उनका स्वागत किया गया. केन्द्रीय विद्यालय छपरा के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गान एवं सरस्वती वंदना तथा गर्ल्स स्कूल छपरा के छात्राओं के द्वारा स्वास्ति वचन प्रस्तूत किया गया. इसके बाद प्रवर डाक अधीक्षक, सारण प्रमण्डल द्वारा स्वागत भाषण दिया गया. तत्पश्चात सारण स्थित चिरांद पर विशेष आवरण का विमोचन माननीय अतिथियों द्वारा किया गया.

ज्ञात हो कि चिरांद बिहार के सारण जिले में पवित्र नदी सरयू (जिसे घाघरा नदी भी कहा जाता है ) के तट पर स्थित एक पुरातात्विक महत्वपूर्ण स्थल है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण टीम द्वारा इस जगह की खुदाई से पता चला कि नवपाषाण युगीन संस्कृति पूरे भारत मे सर्वप्रथम यही प्रकट हुई थी. चिराँद मे एक बड़ा पूर्व ऐतिहासिक टीला है जो नवपाषाण यूग (लगभग 2500-1345 ईसा पूर्व) से पाल राजवंश तक के पुरातात्विक अवशेष के लिए प्रसिद्ध है. कार्यक्रम में पवन कुमार, निदेशक डाक सेवायें (मुख्यालय ), बिहार सर्कल, पटना, डा0 प्रमेन्द्र कुमार वाजपेयी, कुलपति, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, पुनीत कुमार गर्ग, सारण ज़िला एवं सत्र नयायधीश एवं डाक महाध्यक्ष,

उत्तरी प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर द्वारा संबोधित भाषण मे फिलाटेली के महत्वों को बताया कि डाक टिकट ज्ञान का भंडार है.  डाक टिकट की रंग विरंगी दुनिया के माध्यम से भारत के कला, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक,भौगोलिक संरचना तथा विशिष्ट व्यक्ति के बारे में जानकारी प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है.  डाक महाध्यक्ष ने समारोह मे आए लोगों खासकर बच्चों से अपने शौक मे फिलाटेली को शामिल करने की अपील की. इस डाक टिकट प्रदर्शनी को अत्यधिक रोचक बनाने के लिए जिले के लगभग 10 विद्यालयों के 450 से अधिक विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न तरह की प्रतियोगितायें ( टिकट डिज़ाइन, क्विज़, निबंध, भाषण,) आयोजित की गयी तथा मेधावी प्रतिभागियो को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया. इसके बाद प्रवर अधीक्षक द्वारा मुख्य अतिथि एवं आगंतुक को मोमेंटों भेट किया गया.

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