छपरा मंडल कारा के ह’त्या अभियुक्त विचाराधीन कैदी की मौ’त ; मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम

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CHHAPRA DESK –   छपरा मंडल कारा के हत्या अभियुक्त विचाराधीन कैदी की मौत छपरा सदर अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई. जिसका पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की नियुक्ति में मेडिकल बोर्ड के द्वारा किया गया. मृत विचाराधीन कैदी सारण जिले के रसूलपुर थाना अंतर्गत चपरैठा गांव निवासी स्वर्गीय रामाश्रय गिरी का 70 वर्षीय पुत्र जयराम गिरी बताया गया है. उनकी मौत कारण सांस की बीमारी बताया जा रहा है. मंडल कारा में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कुछ दिन पहले ही छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान आज मौत हुई है. उनके मौत की सूचना मिलते ही परिवार वाले रोते-पीटते छपरा सदर अस्पताल पहुंचे,

जहां उनके द्वारा बताया कि यह गया कि उन्हें सांस की बीमारी थी जिसके कारण मौत हुई है. वहीं जिला प्रशासन के द्वारा इस मामले में उक्त कैदी के पोस्टमार्टम कराए जाने को लेकर मजिस्ट्रेट बहाल किया गया और सदर अस्पताल से मेडिकल बोर्ड की मांग की गई. जिस पर सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा के द्वारा अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर आर एन तिवारी की देखरेख में मेडिकल बोर्ड का गठन किया. जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा किए जाने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया गया.

भादवि की धारा 302 के मामले में नामजद अभियुक्त थे जयराम गिरी

बता दे कि जयराम गिरी कांड संख्या-239/2023, भादवि 302 के नामजद अभियुक्त थे. उन्हें 4 अक्टूबर 2023 को रसूलपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जहां जेल में ही उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई थी.

गोली मारकर हत्या का है मामला

बता दें कि बीते 2 अक्टूबर 2023 की देर संध्या सारण जिले के रसूलपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टोल प्लाजा के समीप भूमि विवाद को लेकर एक पक्ष के लोगों के द्वारा घात लगाकर कार से गोपालगंज जा रहे दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडे और धारदार हथियार से प्रहार करने के बाद उनके ऊपर गोली भी चलाई गई थी. जिसमें एक युवक की मौत गोली लगने से गंभीर स्थिति में रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में हो गई थी. जबकि, अन्य घायलों का उपचार छपरा सदर अस्पताल में किया गया था.

उस हमले में रसूलपुर थाना क्षेत्र के ही चपरैठा गांव निवासी दिलीप गिरी के 25 वर्षीय पुत्र सूरजकांत गिरी की मौत मौके पर हो गई थी. जबकि उसके दो बड़े भाई शशिकांत गिरि एवं रविकांत गिरी भी जख्मी हुए थे. उस दौरान सदर अस्पताल में मृतक के बड़े भाई शशिकांत गिरी ने हलचल न्यूज़ को बताया था कि वह तीनों भाई कार से गोपालगंज जा रहे थे. तभी रसूलपुर थाना अंतर्गत टोल प्लाजा से कुछ कदम आगे बढ़ाने के बाद धर्मवीर गिरी अपने घर के सामने लाठी-डंडे और हथियार से लैस दिखे. जैसे ही कार उनके समीप पहुंची.

उन लोगों ने लाठी-डंडे से कार पर हमला बोल दिया. इस घटना के बाद उनका छोटा भाई सूरजकांत गिरी जैसे ही कार से बाहर निकला उन लोगों ने उसके सिर में पिस्तौल सटाकर गोली दाग दी. जिससे गोली आर पार हो गई और वह वहीं पर गिर पड़े थे. जिसके बाद स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से छपरा सदर अस्पताल रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में हो गई थी. उस समय वह लोग किसी तरह जान बचाकर भागे थे और 112 पर डायल कर पुलिस को सूचना दी. सूचना के बाद रसूलपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और उन लोगों को अपनी कार से उठाकर छपरा सदर अस्पताल भिजवाया था. जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉक्टर हरेंद्र प्रसाद ने उनके भाई सूरजकांत गिरी को मृत घोषित कर दिया था.

सूरजकांत हत्या मामले में जयराम गिरी सहित 10 लोगों के खिलाफ दर्ज है नामजद प्राथमिकी

भूमि विभाग को लेकर सूरजकांत हत्या मामले में मंडल कारा में उपचार के दौरान मृत कैदी जय राम गिरी के साथ
रसूलपुर थाना क्षेत्र के चपरैठा गांव निवासी धीरज गिरी, शशि भूषण गिरी, आदर्श गिरी, नीरज गिरी, उत्तम गिरी, धर्मवीर गिरी, दीपू गिरी, जयराम गिरी के साथ दो महिला सविता देवी और सुनीता देवी शामिल है.

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