महिलाओं को ऋण देने के नाम पर लाखों रुपए लेकर चंपत हुआ इक्विट्स माइक्रोफाइनेंस ; आक्रो’शित महिलाओं ने सड़क जाम कर किया प्रद’र्शन

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CHHAPRA DESK – छपरा शहर से इस समय एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां महिलाओं को ऋण देने के नाम पर इक्विट्स माइक्रोफाइनेंस गरीब महिलाओं का लाखों रुपए लेकर चंपत हो गया. जब महिलाओं के द्वारा फोन किए जाने पर कोई कर्मी फोन नहीं उठाया तो वह जिले के विभिन्न कोने से भा-भागे छपरा शहर के मुफस्सिल थाना अंतर्गत नेवाजी टोला चौक के समीप पहुंची, जहां उन्होंने पाया कि ऑफिस में ताला लटका हुआ है. जिसके बाद उस मकान के स्वामी से बातचीत की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि वह तो एक सप्ताह पहले ही किराया पर लिया था.

वह कहां गया इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. इतना सुनते ही महिलाएं आग-बबूला हो गई और सड़क पर ही बैठकर सड़क जाम करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. उस दौरान जब कुछ लोगों ने जाम हटाने का प्रयास किया तो महिलाएं हाथ में चप्पल लेकर पीटने के लिए उतारू हो गई. जिसके बाद सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर थाना लाया, जहां समाचार प्रेषण तक इस मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया चल रही है.

दरभंगा निवासी अभिनाश झा के द्वारा कार्यालय के लिए लिया गया था कमरा

बता दे कि छपरा शहर में के मुफस्सिल थाना अंतर्गत नेवाजी टोला चौक के समीप एक मकान में इक्विट्स माइक्रोफाइनेंस का कार्यालय के लिए किराए पर कमरा लिया गया था. जहां मकान मालिक के द्वारा किरदार से जब आधार कार्ड की मांग की गई तो उसके द्वारा जो आधार कार्ड दिया गया उसके अनुसार फर्जी माइक्रोफाइनेंस कर्मी की पहचान दरभंगा जिला के विशनपुर वार्ड नंबर 7 निवासी ओम प्रकाश झा के पुत्र अभिनाश झा के रूप में की गई. किरायानामा अभी साइन भी नहीं हुआ था तब तक वह जिले के कोने-कोने से गरीब महिलाओं का लाखों रुपए लेकर चंपत हो गया.

₹70000 लोन देने के नाम पर वसूला था प्रति महिला तीन-तीन हजार रुपए

इक्विट्स माइक्रोफाइनेंस कर्मियों में रानी नाम की एक युवती भी शामिल थी. जो कि टीम बनाकर जिले के विभिन्न गांव में पहुंचे थे और गरीब महिलाओं को 70000 रुपए का लोन बिना किसी जमानत के देने का लालच देते थे. जिसके लिए ₹3000 का खाता उनके द्वारा खोला जाता था और यह बताया जाता था कि ₹2500 एक सप्ताह बाद उनको वापस किए जाने के साथ उनके खाते में ₹70000 डाल दिया जाएगा. जिसको लेकर गांव की गरीब और भोली-भाली महिलाओं ने ब्याज पर ₹3000 उठाकर उन्हें वह राशि दी थी. लेकिन समय बीतने के बाद कर्मियों का मोबाइल स्विच ऑफ आने लगा. फिर कुछ दिन इंतजार करने के बाद जब महिलाएं कार्यालय पहुंची तो यह बात जिले में आपकी तरफ फैल गई की इक्विट्स माइक्रोफाइनेंस उनका रुपया लेकर फरार हो चुका है.

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