स्तनपान कराने से नहीं होता है फीगर खराब, बच्चे को मिलती है बीमारियों से लड़ने की ताकत : डॉ जयश्री

0 minutes, 3 seconds Read

CHHAPRA DESK – विश्व स्तनपान दिवस को लेकर सरकार के निर्देश पर 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है. जिससे कि स्तनपान के प्रति महिलाओं में जागरूकता बढे. क्योंकि जन्म के बाद 6 महीने तक मां का दूध बच्चे के लिए अमृत के समान होता है. लेकिन महिलाएं अपने फीगर को लेकर बच्चों को स्तनपान कराने से कतरा रही हैं.

जबकि यह भ्रांति मात्र है. इस भ्रांति का खंडन करने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है. इस विषय पर शहर की प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉक्टर जयश्री प्रसाद ने बताया कि मां का दूध बच्चों के लिए अमृत के समान होता है. 6 माह तक मां का दूध बच्चों के लिए सर्वोतम आहार होता है. इसलिए बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान जरूर करना चाहिए और 6 महीने तक बच्चे को पानी नहीं पिलाना चाहिए.

इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है. बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास भी होता है. वही बच्चा कम बीमार पड़ता है अगर वह बीमार भी पड़ता है तो जल्द ही स्वस्थ हो जाता है. स्तनपान से महिलाओं के फीगर पर प्रभाव की बात पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि स्तनपान कराने से फीगर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. बल्कि, उनका फीगर और भी सुंदर हो जाता है क्योंकि उनके शरीर का फैट दूध से निकल जाता है. इसलिए प्रसव के उपरांत एक घंटे के अंदर स्तनपानजरूर कराना चाहिए.

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *