#छपरा नगर निगम मेयर राखी गुप्ता की कुर्सी गई ; “कहीं खुशी कहीं गम” का देखने को मिला नजारा

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CHHAPRA DESK – #छपरा नगर निगम की मेयर राखी गुप्ता की कुर्सी आखिरकार चली गई. जिसके बाद विपक्षी खेमे में जहां खुशी देखने को मिली, वहीं राखी गुप्ता के परिवार एवं शुभचिंतकों में गम की लहर देखने को मिली. क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने राखी गुप्ता को पदमुक्त कर दिया है. यह खबर जैसे ही नगर वासियों को मिली जनता में काफी निराशा देखने को मिली. वहीं विपक्षी खेमे में जश्न का माहौल देखा गया. छपरा नगर निगम चौक पर अमरेंदर सिंह के द्वारा आतिशबाजी किए जाने के बाद एक दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी गई.

तीन संतान मामले में हुई कार्रवाई

छपरा शहर की प्रसिद्ध व्यवसायी एवं मॉडल राखी गुप्ता ने दिसंबर 2022 में छपरा नगर निगम से मेयर का चुनाव भारी मतों से जीता था. नामांकन के वक्त हलफनामा में उनके द्वारा गलत जानकारी दी गई थी. हलफनामे में राखी ने अपने दो जीवित संतान का जिक्र किया था. जबकि उन्हें दो पुत्री और 1 पुत्र है. जिसका जिक्र रजिस्ट्री ऑफिस से मिले कागजात में है. जबकि राखी गुप्ता ने अपने हलफनामे में सिर्फ दो बच्चियों का जिक्र किया था.

छपरा नगर निगम की पूर्व मेयर सुनीता देवी ने किया था कोर्ट में चैलेंज

छपरा नगर निगम की पूर्व मेयर सुनीता देवी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए नवनिर्वाचित मेयर राखी गुप्ता की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी. उन्होंने आरोप में बताया है कि मेयर राखी गुप्ता के तीन संतान होने के बावजूद उन्होंने अपने शपथ पत्र और नामांकन फॉर्म में गलत जानकारी दी है. उक्त मामले में अंतिम तारीख पर पेशी के दौरान दोनों पक्ष को सुनते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और अंततः आयोग द्वारा मेयर राखी गुप्ता को अयोग्य करार कर दे दिया गया.

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