आशा कार्यकर्ताओं ने मांझी पहुंची जांच टीम व प्रमुख प्रतिनिधि को बनाया बंधक ; इमरजेंसी सेवा छोड़ सभी सेवाएं रही ठप्प

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CHHAPRA DESK – बिहार राज्य चिकित्सा जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की सारण जिला इकाई के आह्वान पर आशा कार्यकर्ताओं का हड़ताल गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रहा. बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने छपरा सदर अस्पताल से लेकर सभी सीएससी एवं पीएसी पर भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा. धरना-प्रदर्शन के दौरान मांझी सीएचसी पर आशा, आशा फैसलेटर व कुरियर कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए ओपीडी सहित सभी कार्यालयों में ताला जड़ दिया.

 

 

उसी बीच दोपहर में सीएचसी की जांच करने पहुंची केंद्रीय टीम के सदस्यों के अलावा मांझी के प्रखण्ड प्रमुख प्रतिनिधि राजेश प्रसाद को भी आंदोलनकारियों ने करीब दो घण्टे तक बंधक बनाए रखा. बाद में काफी मान मनौव्वल के बाद केंद्रीय टीम को मुक्त किया गया. वहीं इमरजेंसी सेवा, डिलीवरी आदि को छोड़कर ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवा ठप्प हो जाने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

पल्स पोलियो की खुराक के लिए बच्चों को लेकर पहुंचे लोगों को भी बैरंग लौटा दिया गया. आशा ने कहा मात्र 1000 रुपए मानदेय देकर बिहार सरकार हमसे वर्षों से सेवा ले रही है. अब महंगाई की मार ने हमारे सब्र के बांध को तोड़ दिया है. वहीं कुरियरकर्मी सुशील सिंह ने बताया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी हम लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखेंगे.

बता दें कि मानदेय बढ़ाने समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर आशा के साथ हीं आशा फैसलेटर, ममता व कुरियर कर्मी हड़ताल पर हैं. गुरुवार को धरना-प्रदर्शन के दौरान झुनिया देवी, सुनीता देवी, सुधा देवी, मंजू देवी, पुष्पा देवी, इंदु देवी, अनीता देवी, गीता देवी आदि समेत दर्जनों आशा एवं कुरियर कर्मी मौजूद थे.

 

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