पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की पिटाई से भाजपा नेता की मौ’त के बाद उबाल ; भाजपा सांसद की भी हुई बेरहमी से पिटाई

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PATNA DESK –  बिहार के लिए गुरुवार का दिन काला दिन रहा. शिक्षकों के समर्थन में सड़कों पर उतरे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बर्बरता पूर्वक पीटा. पुलिस की पिटाई से जहां एक भाजपा नेता की मौत हो गई है वहीं भाजपा के चर्चित नेता महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की है और वह भी तब जब उनके द्वारा संसद होने की बात कही गई. वही उस दौरान संसद के सुरक्षा में तैनात कमांडो भी मूकदर्शक बने रहे. इस घटना के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है.

इससे एक तरफ जहां शिक्षकों में आक्रोश है. वहीं भाजपा ने भी इस दिवस को काला दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है. जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा सुबह के सीएम नीतीश कुमार का पुतला दहन भी किया जाएगा. इस घटना के बाद बीजेपी नीतीश सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगा रही है. वहीं, इस आरोप पर डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा कि कोई बदला नहीं लिया गया है.

शिक्षक के मामले पर सभी लोगों को बुलाकर चर्चा करने की बात सीएम नीतीश कुमार ने कही थी. कौन सा ऐसा राज्य है जहां तीन लाख से ज्यादा वैकेंसी निकालकर नौकरियां दी जा रही हैं? आगे डिप्टी सीएम ने कहा कि हम अपने शासनकाल में 10 लाख नौकरियां का आंकड़ा पूरा कर लेंगे, लेकिन बीजेपी दो करोड़ नौकरियां और मंहगाई पर जवाब दे.

शिक्षक संबंधित सभी की शिकायतों को सुनेंगे- तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने कहा कि सारे शिक्षक संगठनों से बात हुई है. बीजेपी के प्रदर्शन में तो कोई शिक्षक संगठन शामिल भी नहीं था. ये लोग बेकार के हुड़दंग कर रहे हैं. 18 साल से सत्ता में कौन लोग थे? महागठबंधन की सरकार बनने के बाद यह वैकेंसी निकाली गई है. इसके बाद ही शिक्षकों को राजकीय दर्जा दिया जा रहा है. इसको लेकर और कोई छोटी-मोटी शिकायत होगी. इस पर संवाद कर रहे हैं. इस मुद्दे पर सभी की शिकायतों को सुनेंगे.

बीजेपी के विधानसभा मार्च के दौरान हुई पुलिस लाठीचार्ज

बता दें कि बिहार में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की बृहस्पतिवार को नीतीश कुमार सरकार के खिलाफ ‘विधानसभा मार्च’ में हिस्सा लेने के दौरान मौत हो गई. जिसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज से उनकी मौत हुई है. वहीं, पटना मेडिकल कालेज अस्पताल अधीक्षक आईएस ठाकुर ने कहा कि विजय सिंह को अचेत अवस्था में उनके अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था. उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

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