आसमान से बरस रहा आग ; हीट वेव से हो रही लगातार मौतें ; बुजुर्ग और बच्चों पर हीट वेव का असर सबसे अधिक

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CHHAPRA DESK –वैसे तो इस बार बिहार के अनेक जिले हीट वेव की चपेट में है और लगातार मौतें भी हो रही है. भले ही प्रशासन इसकी पुष्टि करें ना करें. छपरा में भी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है यहां भी प्रतिदिन 42 डिग्री से लेकर 43 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच रहा है. और तो और रात में भी यह तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहता है. हीट वेव के कारण छपरा में भी प्रतिदिन दर्जन मौतें हो रही है.

आलम यह है कि हीट वेव के कारण प्रतिदिन डेढ से दो दर्जन मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं जिनमें से प्रतिदिन 8 से 12 मरीजों की जान जा रही है. लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पा रही है. छपरा सदर अस्पताल में डॉक्टर भी इस बात को मानते हैं लेकिन बयान के नाम पर वे लोग भी चुप्पी साध ले रहे हैं. लेकिन बीते सप्ताह एक महिला और एक पुरुष दो बुजुर्गों की मौत में पुलिस के द्वारा भी उनकी मौत का कारण लू लगना प्रतीत होना बताया गया है.

 

 

मौतों में बुजुर्गों की संख्या अधिक है. हिट वेव के कारण मांझी थाना क्षेत्र के नटवर बघार मंगरुआ चंवर में 10 जून को 65 वर्षीय अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया था. जिसकी मौत में लू लगने का अंदेशा दर्शाया गया था. वही 11 जून को मढौरा थाना क्षेत्र में भी 80 वर्षीय एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत का कारण लू लगना बताया गया था. क्योंकि दोनो का शव सुनसान इलाके से बरामद किया गया था और उनके शरीर पर जख्म के के कोई निशान नहीं थे. जिसको लेकर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराए जाने के दौरान लू लगने का अंदेशा जताया गया था.

छपरा सदर अस्पताल बनाया गया है एयर कंडीशनर लू (हीट वेव) वार्ड

छपरा सदर अस्पताल में प्रतिदिन हीट वेव के मरीजों के पहुंचने के कारण अस्पताल प्रशासन के द्वारा इमरजेंसी वार्ड परिसर में ही एयर कंडीशनर लू (हीट वेव) वार्ड बनाया गया है. जिसमें वैसे मरीजों को रखा जा रहा है. लेकिन लाख प्रयास के बावजूद लू लगने के कारण प्रतिदिन 8-10 मौतें हो रही हैं। जिनमें सबकी शिकायत तेज बुखार का होना और अचानक गिरकर बेहोश होना कॉमन है.

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