2 मई तक स्पष्टीकरण नहीं देने पर एनजीओ को किया जाएगा ब्लैक लिस्टेड ; नगर आयुक्त ने सफाई NGO एनजीओ को भेजा सम्मन

0 minutes, 5 seconds Read

CHHAPRA DESK – छपरा नगर निगम क्षेत्र में वार्ड नं 23 से 45 तक डोर-टू-डोर एवं मुख्य पथ की सफाई हेतु चयनित एजेंसी को नगर आयुक्त ने सम्मन जारी किया है. उन्होंने बताया कि उक्त एनजीओ के द्वारा छपरा नगर निगम के एकरारनामा के शर्तों का उल्लंघन एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, 2016 का अनेकों बार उल्लंघन किया जा चुका है. इसके अलावा एजेंसी द्वारा सफाई कार्य सुचारू रूप से नहीं किये जाने, सड़क दोनों ओर कचड़ा फेंके जाने तथा NGT के मापदंड व ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के निर्देशों की अवहेलना करने का दोषी पाया गया है.

उन्होंने बताया कि NGT के मानकों का उल्लंघन करने कार्य नहीं करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के अनुसार कार्य नहीं करने, QRT एवं हेल्पलाइन नहीं होने, अपूर्ण सफाई एवं रात्रि पाली में कार्य नहीं होने के लिये, घर-घर पृथक कूड़ा संग्रहण नहीं नहीं करने के लिए दोषी पाया गया है. उन्होंने कहा कि उपरोक्त उल्लंघन स्पष्ट करता है कि एनजीओ के द्वारा एकरारनामा में दिए गये निर्देश माननीय ANGT का आदेश, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 का मार्गदर्शिका का अनुपालन लगातार नहीं किया जा रहा है.

वहीं सशक्त स्थायी समिति की बैठक में एजेंसी के कार्य में असंतोष जताया गया. वहीं बोर्ड की बैठक में वार्ड नं 23 से 45 तक के पार्षदों से एक-एक का मंतव्य मांगा गया, जिसमें सभी पार्षद आपके एजेंसी के सफाई कार्य से असंतुष्ट थे. पार्षदों ने आपके एजेंसी को हटाने साथ-साथ काली सूची में डालने का निर्णय लिया है. पार्षदों के द्वारा बताया गया कि आपके एजेंसी द्वारा भी कूड़ा का उठाव नहीं कराया जाता है और न ही सफाई कराई जाती है, जिसके चलते गंदगी व्याप्त रहती है.

 

उन्होंने कहा कि संज्ञान में यह लाया गया है कि सभी महत्वपूर्ण पर्व यथा छठ, दीपावली, दशहरा आदि पर्व पर सफाई कार्य को कोई न कोई बहाना बनाकर लगातार सफाई बाधित किये हैं, जो एकरारनामा का घोर लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता का प्रतीक है. डोर-टू-डोर एवं मुख्य पथ का कचड़ा नहीं उठाया जा रहा है.

वर्णित परिप्रेक्ष्य में उल्लेखित बिन्दुओं पर एजेंसी अपना स्पष्टीकरण 02 मई तक साक्ष्य सहित अधोहस्ताक्षरी को समर्पित करें क्यों नहीं कार्य में लापरवाही बरतने, माननीय NGT के न्यायादेश में अनुपालन नहीं करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2016 का उल्लंघन करने, बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के निहित निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में आपके एजेंसी के साथ की गई एकरारनामा को विखंडित करते हुये एजेंसी को काली सूची में डालने की कारवाई की जाये.

 

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *