सिकटा प्रखंड मुख्यालय बना लूट-खसोट का अड्डा ; बिना चढ़ावा के नहीं होता यहां काम

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SIKTA DESK – सिकटा प्रखंड मुख्यालय इन दिनों रिश्वतखोरी का अड्डा बन गया है. दूर दराज से काम कराने के लिए आये व्यक्ति कथित दलाल के लूट के शिकार हो रहे है. प्रसाशनिक अधिकारियों की चुप्पी इनकी संलिप्तता को बढ़ावा दे रहा है. यही कारण है कि अबूझ,भोली भाली ग्रामीण जनता इन दलालों और अधिकारियों के लूट का शिकार बन रहे है.

मामले से सम्बंधित एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमे आधार कार्ड में अपना मोबाईल नम्बर जोड़वाने या सुधार करवाने में बतौर नजराना दो से सात सौ रुपये तक देना पड़ता है. तब जाकर गरीबों का काम होता है. नजराना नही देने की स्थिति में कई तरह के बहाने बना कर गरीब जनता को दौड़ाया जाता है.

 

इस बात का खुलाशा अंचल कार्यालय में तैनात सरकारी होम गार्ड का एक जवान(पुलिस कर्मी) कर रहा है. वायरल वीडियो में सरकारी गार्ड ने असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए कह रहा है कि बीडीओ मैडम के कथनानुसार आप लोग दो सौ रुपये देते थे. एक तरफ सरकार आपकी सरकार आपके द्वार पर कार्य करने के लिए कई तरह कार्यक्रम का संचालन कर रही है. दूसरी तरफ सरकारी नुमाईंदे सरकार के छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है.

 

गत दिनों वार्ड संघ के प्रखंड अध्यक्ष अमरेश कुमार ने भी जिलापदधिकारी को एक आवेदन देकर शौचालय निर्माण और भुगतान में प्रखंड विकास पदाधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए जांच कर उचित कार्यवाई का मांग किया था. जिसमे लाभार्थियों से भुगतान में 2 हजार रुपये लेने की बात कही गई है. जबकि आधार पंजीकरण केंद्र के सुपरवाइजर प्रमोद ने बताया कि आधार को मोबाईल से जोड़वाने के लिए 50 रुपये नया आधार के लिए 35 रुपये और फोटो के साथ आधार सुधारने के लिए एक सौ रुपये का राशिद कटता है.

जब आधार पंजीकरण केंद्र पर रेट फिक्स है तो अवैध उगाही किसके इसारे पर की जा रही है. ज्वलंत मुद्दा है,जो आवाम के समझ से परे है. इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ मीरा शर्मा ने बताया कि गार्ड द्वारा कही गई बात निराधार है. अंचल कार्यालय से होम गार्ड पर कार्यवाई के लिए लिखा जा रहा है. उधर अनुमंडल पदाधिकारी घनञ्जय कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नही है. पता कराकर कार्यवाई की जाएगी.

साभार : अमर कुमार गुप्ता

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